Last Updated:
Bollywood Actor: इस एक्टर ने 400 से ज्यादा फिल्मों काम किया. एक्टिंग में ही नहीं इसकी लेखनी में भी जादू था. उनकी जिंदगी की कहानी एक फिल्मी प्लॉट जैसी रही. वह महज एक साल के थे जब अपने माता-पिता के साथ अफगानिस्तान से भारत आए और बाद में हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार चेहरों में से एक बन गए. जानते हैं किसकी बात कर रहे हैं…
नई दिल्ली. अफगानिस्तान से अपने परिवार के साथ बचपन में भारत आया ये लड़का कभी नहीं जानता था कि आगे चलकर हिंदी सिनेमा में उसकी तूती बोलेगी. संघर्ष और गरीबी के बीच पला-बढ़ा यह बच्चा थिएटर की दुनिया तक पहुंचा और एक दिन मंच पर उसके अभिनय ने बॉलीवुड के महान सितारे को इतना प्रभावित किया कि उसी पल उसकी किस्मत बदल गई. आगे चलकर यह कलाकार इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक के बेहद करीबी बन गया. दोनों की जोड़ी ने फिल्मों में ऐसा जादू दिखाया कि उस दौर में हर दूसरी हिट फिल्म उन्हीं के नाम होने लगी. जानते हैं ये बच्चा कौन है?

बॉलीवुड के वो सुनहरे दिन जब ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘नसीब’, ‘लावारिस’, ‘कुली’, ‘हम’ जैसी फिल्में बन रही थीं. इन सबके पीछे एक अफगानिस्तानी बच्चे का जादू था, जिसका नाम था कादर खान. सिर्फ एक साल की उम्र में वो अपने माता-पिता के साथ काबुल से भारत आए थे. किसे पता था कि यही बच्चा एक दिन हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा एक्टर-राइटर बनेगा.

अफगानिस्तान में जन्मे और एक साल की उम्र में अपने परिवार के साथ भारत आए कादर खान बॉलीवुड के उन दुर्लभ सितारों में से थे, जिनका अभिनय और लेखन, दोनों में बराबर पकड़ थी. उनका सफर जितना शानदार था उतना ही संघर्षपूर्ण था. थिएटर के मंच पर उनकी कला को पहली बार नोटिस दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

एक स्टेज प्ले के दौरान दिलीप साहब उनकी संवाद-अभिनय क्षमता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत ही कादर खान को अपनी फिल्मों में काम करने का अवसर दिया. यही वह मोड़ था, जिसने कादर खान को मुंबई की फिल्मी दुनिया में स्थापित कर दिया.

1970 और 80 के दशक में कादर खान ने न केवल अपने दमदार किरदारों से दर्शकों का दिल जीता, बल्कि अमर अकबर एंथनी, कुली, नसीब, मुकद्दर का सिकंदर, शहंशाह, हम जैसी बड़ी फिल्मों के लिए डायलॉग और स्क्रीनप्ले भी लिखे.

इसी दौरान उनकी दोस्ती अमिताभ बच्चन से गहरी हुई. दोनों ने लगभग दो दशक तक कई सफल फिल्में कीं और इंडस्ट्री में उनकी जोड़ी को ऑल-टाइम हिट माना गया.

लेकिन यह मजबूत रिश्ता एक छोटी-सी बात पर टूट गया और इसकी जानकारी कादर खान ने खुद ‘दिल ने फिर याद किया’ शो में साझा की. उन्होंने बताया कि एक दिन एक निर्माता ने उनसे कहा, ‘आप ‘सर’ से मिले?’ कादर खान चौंक गए. उन्होंने पूछा, ‘कौन सर?’ जवाब मिला- अमिताभ बच्चन.

कादर खान ने कहा, ‘मैंने उन्हें हमेशा अमित कहा. अचानक मैं कैसे उन्हें ‘सर’ कह दूं? दोस्ती बराबरी पर होती है.’ इसी शब्द दोनों के रिश्ते में दूरी ला दी.

उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे माहौल ऐसा बन गया कि उन्हें अमिताभ बच्चन से दूर कर दिया गया. यहां तक कि उन्हें ‘खुदा गवाह’ जैसी बड़ी फिल्म से हटा दिया गया. कादर खान ने स्वीकार किया कि यह उनके लिए बेहद दुखद था, क्योंकि उन्होंने हमेशा अमिताभ के लिए प्रोजेक्ट्स छोड़े थे और दोस्ती को प्राथमिकता दी थी.
![]()











