पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखने को लेकर छह दिसंबर को आयोजन का एलान करने वाले हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया है। अपने निलंबन को लेकर विधायक हुमायूं ने भी टीएमसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मैं कल ही पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो 22 दिसंबर को मैं नई पार्टी का एलान करुंगा।
कोलकाता के मेयर और टीएमसी के कद्दावर नेता फिरहाद हकीम ने हुमायूं कबीर के निलंबन की जानकारी देते हुए कहा, “हमने गौर किया कि मुर्शिदाबाद से आने वाले हमारे एक विधायक ने एलान किया है कि वे बाबरी मस्जिद बनाएंगे। आखिर अचानक बाबरी मस्जिद क्यों? हमने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी। हमारी पार्टी के फैसले के मुताबिक, हम हुमायूं कबीर को निलंबित कर रहे हैं।”
हुमायूं कबीर का पलटवार- आरएसएस का काम कर रहीं ममता बनर्जी
अपने निलंबन के बाद हुमायूं ने कहा, “जब वह (ममता बनर्जी) पहली बार सत्ता में आई थीं, तब उनके पास 182 सीटें थीं। मुझे उनकी जरूरत थी और मुझे पार्टी में शामिल किया गया। मेरे साथ यह 12-13 साल तक क्यों किया जाता रहा? मुझे पार्टी में शामिल ही क्यों किया गया? आज मुख्यमंत्री लोगों से फंड्स लेकर जगन्नाथ मंदिर बनवा रही हैं। वे दुर्गा पूजा के लिए फंड्स देते हैं। मौलवियों को हर महीने 3000 रुपये का भत्ता दिया जा सकता है। सभी भत्तों को मिला दिया जाए तो 54 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि समितियों को हर साल एक लाख 10 हजार रुपये तक दिए जाते हैं। वे पूरी तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का काम कर रही हैं।”











