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रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाए हुए है. फिल्म में रणवीर के अपॉजिट सारा अर्जुन हैं, जो उम्र में उन्हें 20 साल छोटी हैं. ट्रेलर रिलीज के बाद से उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को खूब सराहा गया. अब उनके पिता और एक्टर राज अर्जुन ने भी तारीफ की है. राज का कहना है कि उनकी लाइफ का हर बड़ा टर्निंग प्वाइंट उनकी बेटी सारा से ही जुड़ा है.
‘धुरंधर’ में बेटी की परफॉर्मेंस देख राज ने एक भावुक नोट शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया कि सारा सिर्फ उनकी देखरेख में नहीं बड़ी हुई, बल्कि उन्होंने राज को एक बेहतर इंसान और कलाकार बनने में मदद की. उन्होंने कविता के फॉर्मेट में बेटी के साथ अपने बॉन्ड के बारे में लिखा है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

राज अर्जुन ने लिखा, “एक बाप, एक फ़नकार… और दो सपनों का सफ़र.” कई बार ज़िंदगी को समझने के लिए पीछे मुड़कर देखना पड़ता है. और पीछे देखने पर समझ में आता है— हम सोचते रहते हैं कि हम बच्चों की परवरिश कर रहे हैं, पर वक़्त और मौका बता देता है… असल में वही हमें बड़ा कर रहे होते हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

राज अर्जुन ने आगे लिखा,” 1999 — एक शहर, एक सपना, और एक अनदेखी लड़ाई. 1999 में जब मैं मुंबई आया, दिल में बस दो चीज़ें थीं— भूख… और भरोसा. भूख फ़न की. भरोसा अपने होने पर. न गाड़ी, न पहुंच, न पहचान. एक लड़का… एक सपना… और एक शहर जो हर दिन पूछता था— “सच में चाहिए ये सब?” रोज़ ऑडिशन. रोज़ रिजेक्शन. रोज़ अगला दिन.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)
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राज अर्जुन ने आगे लिखा,” फिर 2005 में— मेरी ज़िंदगी में एक रूह उतरी. एक नूर आया. सारा …. “बेटियाँ नियामत होती हैं”— मैंने सुना था, लेकिन फिर जिया भी. उसके आने के कुछ वक़्त बाद मुझे अपना पहला लीड रोल मिला—राम गोपाल वर्मा की शबरी. फ़िल्म अटक गई, पर उसने मेरे अंदर की आग बुझने नहीं दी. पहली बार लगा— मैं भी कुछ बन सकता हूं… मैं भी कुछ कर सकता हूं.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

राज अर्जुन ने आगे लिखा,” और सच यही है—अगर वो रूह मेरी ज़िंदगी में न आती, तो आज मैं वो इंसान भी न होता… और वो फ़नकार भी नहीं बन पाता— जो मैं बन पाया हूं. लोग कहते हैं पिता बेटियों को रास्ता दिखाते हैं…<br />पर मेरी कहानी उलटी है. मैं अपनी जगह तक पहुंचा. अपनी बेटी की वजह से.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

राज अर्जुन ने आगे लिखा,”काम रुकता था, रास्ते धुंधले होते थे, पर वो बड़ी हो रही थी… धीरे-धीरे… चुपचाप… मुझे थामे हुए. मैं टूटा नहीं, मैं भागा नहीं— मैं बस… ठहर गया. क्योंकि उसकी चमकती आंखें हर रोज़ कहती थीं—<br />“खड़े रहो… मुझे अभी तुम्हारी ज़रूरत है.” मैं उसे संभालता था— पर असलमे वो धुरंदर बन कर मुझे संभाल रही थी.”

राज अर्जुन ने आगे लिखा,”पिता होना सिर्फ पिता होना नहीं है. कभी बाप बनना पड़ता है, कभी दोस्त, कभी भाई… और कभी हवा बनकर ‘गुंजाइश’ देनी पड़ती है. गुंजाइश— जहां डर नहीं होता, सिर्फ भरोसा होता है. मैंने उसकी राह नहीं बनाई, मैं बस उसके साथ चल पड़ा. उसके सपनों का पहरेदार नहीं बना— उसका हमसफ़र बना.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

राज अर्जुन ने आगे लिखा,” मैंने सिर्फ इतना कहा— “अपने सपने देखो… मैं पीछे खड़ा हूँ.” और सच यही है— जब हम बच्चों के सपनों पर भरोसा करते हैं, एक दिन बच्चे भी हमारी मंज़िलें रोशन कर देते हैं, धुरंदर बन कर कहानी अभी बाकी है… बाकी का सफ़र अगली सांस में …..” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)

बता दें, सारा अर्जुन ने 2011 में फिल्म ‘देइवा थिरुमगल’ में विक्रम की बेटी का किरदार निभाकर पहचान बनाई थी. इसके बाद वे ‘सैवम’, ‘एक थी डायन’, ‘जज्बा’, ‘जय हो’, ‘सांड की आंख’ और मणिरत्नम की ‘पोन्नियिन सेलवन’ में यंग नंदिनी के रोल में नजर आईं. ‘धुरंधर’ में वे पहली बार एडल्ट एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू कर रही हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @rajarjunofficial)
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