जब विराट कोहली, रोहित शर्मा और बाबर आजम जैसे दिग्गज, टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी के नए नियम गढ़ रहे थे, तब सुर्यकुमार यादव ने महज टी20 अंतरराष्ट्रीय शुरुआत ही की थी। वह भी लगभग 30 साल की उम्र में। शुरुआत धीमी होने के बावजूद सूर्यकुमार की उड़ान इतनी तेज थी कि कुछ महीनों में ही वह दुनिया के नंबर-एक टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सीढ़ियां नहीं लीं, उन्होंने एलिवेटर लिया। सूर्यकुमार टीम इंडिया के लिए एक तेज, विस्फोटक और भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर सामने आए।
हालांकि, यह साल उनके लिए कुछ खास नहीं रहा है और अब तक के उनके करियर का सबसे खराब साल रहा है। वह खराब गेंदों पर भी अपने विकेट गंवा रहे हैं। अगले साल फरवरी में टी20 विश्व कप होना है और कप्तानी का जिम्मा सूर्यकुमार के कंधों पर ही होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह फॉर्म में लौट पाएंगे और टीम इंडिया को ट्रॉफी डिफेंड करने में मदद कर पाएंगे? उनका फॉर्म में होना टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
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