सिंगरौली/एबीएन न्यूज। दूरस्थ सिंगरौली परिक्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। देश की मिनीरत्न कोयला कंपनी एनसीएल वर्तमान में क्षेत्र में 8 डीएवी स्कूल, 2 केंद्रीय विद्यालय और 1 डीपीएस विद्यालय को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन शिक्षण संस्थानों में 13 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से अधिकांश छात्र परिधीय और ग्रामीण समुदाय से आते हैं।
इसी क्रम में एनसीएल ने डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, नई दिल्ली के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आगामी 15 वर्षों के लिए विस्तारीकरण किया है। इस एमओयू के माध्यम से एनसीएल सिंगरौली परिक्षेत्र में अत्यंत सस्ती दर पर निरंतर और अबाध गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को और मजबूत करेगा।
एमओयू विस्तारीकरण के अवसर पर एनसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार ने सिंगरौली क्षेत्र में शिक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वसुलभ बनाना एनसीएल की प्राथमिकता है। डीएवी कॉलेज ट्रस्ट के साथ एमओयू का यह विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह शैक्षणिक पहल न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगी, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
एमओयू के तहत आगामी 15 वर्षों तक एनसीएल अपनी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश स्थित परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित सिंगरौली परिक्षेत्र के 8 डीएवी विद्यालयों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस सहयोग से विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण सुविधाओं का विस्तार होगा। स्मार्ट कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और खेलकूद गतिविधियों के विकास से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रमीय वातावरण मिलेगा, जिससे उनके समग्र विकास को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर एमओयू पर एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राजेश त्रिवेदी तथा डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, नई दिल्ली की ओर से महासचिव अजय सूरी ने हस्ताक्षर किए। यह पहल सिंगरौली क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है।
![]()












