बीजपुर/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत जरहा न्याय पंचायत के कई परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति की तुलना में हाजिरी बढ़ाकर मध्यान्ह भोजन व कन्वर्जन कास्ट की धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि प्रतिदिन नामांकन के मुकाबले बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहती है, इसके बावजूद कागजों में 85 से 90 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।
पहला मामला रजमिलान गांव स्थित बिछियारी प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है, जहां कुछ दिन पूर्व एक महिला शिक्षिका पर विद्यालय से तीन बोरी गेहूं और दो बोरी चावल अपने घर ले जाने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर मामला उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया। बताया गया कि प्रकरण पुलिस तक पहुंचा, लेकिन बाद में एक स्थानीय नेता के हस्तक्षेप और पंचायत स्तर पर समझौते के जरिए मामला दबा दिया गया।
इसी तरह का एक और मामला महुली गांव के जलजलिया प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है। यहां कुल 115 बच्चों का नामांकन होने के बावजूद प्रतिदिन महज 50 से 60 बच्चे ही विद्यालय आते हैं, जबकि अभिलेखों में उपस्थिति कहीं अधिक दर्शाई जा रही है। यही स्थिति उच्च प्राथमिक विद्यालय जलजलिया की भी बताई जा रही है। आरोप है कि बच्चों के नाम पर मिलने वाली मध्यान्ह भोजन सामग्री और कन्वर्जन कास्ट की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जरहा न्याय पंचायत क्षेत्र के 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में स्थित अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में सामग्री की खरीद चेतवा स्थित सत्यनारायण इंटरप्राइजेज और राजेश इंटरप्राइजेज नामक फर्मों से ही की जा रही है, जबकि विद्यालयों के आसपास कई स्थानीय दुकानें मौजूद हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापक, कुछ ग्राम प्रधानों और निर्धारित फर्मों की कथित मिलीभगत से एक ही फर्म से बर्तन, तेल, मसाले, फर्नीचर, रंग-पेंट, दूध, फल सहित अन्य सामग्री के बिल लगाकर भुगतान किया जा रहा है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि बढ़ाई गई हाजिरी के आधार पर प्राप्त धन से कुछ शिक्षक अपने निजी उपयोग की वस्तुएं जैसे साबुन, तेल, ड्राई फ्रूट, बिस्तर, रजाई, बर्तन आदि भी खरीदकर कन्वर्जन कास्ट के बिलों में जोड़ देते हैं। कई अभिभावकों और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर मांग की है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसआईटी या सीबीआई से कराई जाए, तो कई जिम्मेदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) म्योरपुर सुनील कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, जांच कराई जा रही है और जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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