कैंसर का नाम सुनते ही सबसे पहली चिंता जान बचाने की होती है, लेकिन जब यह बीमारी 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को घेरती है, तो इसके साथ मां बनने का सपना भी टूटने लगता है, मगर अब चिकित्सा विज्ञान ने ऐसी महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद की राह खोली है, जिसमें जान बचाने के साथ मातृत्व का सपना भी सुरक्षित रह सकता है।
शुरुआती चरण के एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के इलाज में अब टी आकार की छोटी सी एलएनजी-आईयूएस (लेवोनोर्गेस्ट्रेल-रिलीजिंग इंट्रा-यूट्राइन सिस्टम) डिवाइस सर्जरी के विकल्प के रूप में उभर रही है। यह डिवाइस कैंसर की रफ्तार को थामते हुए महिलाओं में गर्भधारण की संभावना बनाए रखने में मदद कर रही है।
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