यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 127 पर तीसरे दिन भी दुर्घटनास्थल का दृश्य झकझोरने वाला है। जली हुई बसों में मानव हड्डियां फंसी हुई हैं तो वहीं दमकलों के पानी से बहकर कई हड्डियां सड़क किनारे पड़ी मिलीं। बृहस्पतिवार को फोरेंसिक टीम ने दुर्घटनास्थल से मृतकों की हड्डियां, यात्रियों के दस्तावेज, आधार, जले मोबाइल, कागजात एकत्रित किए। साढ़े तीन घंटे तक टीम ने जांच के लिए साक्ष्य जुटाती रही। सभी को एकत्रित करके अपने साथ ले गई।

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मथुरा हादसा
– फोटो : अमर उजाला
बलदेव स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह 3:45 बजे माइलस्टोन 127 पर आठ बसों और तीन कारों सहित 14 वाहनों की भिड़ंत में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से ज्यादा घायल हुए थे। गाड़ियों के टकराने के बाद लगी भीषण आग में 18 शवों के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।

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मथुरा हादसा
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दुर्घटना के तीसरे दिन भी घटनास्थल का दृश्य रूह कंपा देने वाला है। जली हुई 7 डबल डेकर बस व एक रोडवेज बस हों और जली हुई कारों के आसपास हड्डियां, बिखरे हुए कागज, किसी का आधार कार्ड तो किसी यात्री का ड्राइविंग लाइसेंस, पासबुक पड़़ी हुई थीं।

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चार सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने दोपहर डेढ़ बजे से जली हुई बसों की सीटों के नीचे, डबल डेकर की स्लीपर सीटों से हडिड्यां बटरोना शुरू किया तो कई बसों के बाहर भी मानव हडिड्यां मिलीं। इसके अलावा गाड़ियों के बाहर यात्रियों के पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पासबुक आदि सहित अन्य दस्तावेजों को भी टीम अपने साथ ले गई। साढ़े तीन घंटे तक टीम ने घटनास्थल से मृतकों के साक्ष्यों को जुटाने के लिए एक-एक निशानी को तलाशकर कब्जे में लिया। टीम को घटनास्थल से दर्जनभर से ज्यादा हड़िड्यां मिलीं। इन्हें सुरक्षित कर लिया गया।

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कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे के बाद रात्रि में कार, जीप सहित अन्य छोटी गाड़ियों की गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा और बस, ट्रक सहित अन्य भारी वाहनों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी।
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