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बॉलीवुड का वो एक्टर जिसने टेलीविजन से फिल्मों तक का अपना सफर बेहद संघर्षों से तय किया है. एक ऐसा सफर जिसकी नींव में उनकी मां का लोगों के घरों में सफाई करना और पिता का नारियल पानी बेचना शामिल है. रोज नई चुनौतियों से लड़ा, लेकिन हार नहीं मानी. छोटे पर्दे से बड़े पर्दे का सफर किया और दुनिया भर में छा गया. जानते हैं कौन है ये सितारा…
नई दिल्ली. मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक परिवार ऐसा भी था, जिसने सपनों को जिंदा रखने के लिए दिन-रात मेहनत की. पिता सड़कों पर नारियल पानी बेचकर घर चलाते थे, जबकि मां लोगों के घरों में सफाई कर परिवार की जिम्मेदारी संभालती थीं. तंग गलियों में पले-बढ़े उस बेटे ने बचपन से संघर्ष देखा, लेकिन मुश्किलों ने उसके हौसले को और मजबूत किया. पढ़ाई के साथ-साथ उसने छोटे-छोटे मंचों पर अभिनय का अभ्यास शुरू किया, क्योंकि उसके भीतर सिनेमाई दुनिया की आग जल रही थी. परिवार की आर्थिक बाधाएं, समाज की टिप्पणी और असुरक्षाएं सब उसके रास्ते में आईं, पर वह रुका नहीं… धीरे-धीरे छोटे पर्दे से लेकर बड़े मंच तक उसकी पहचान बनने लगी. मेहनत, अनुशासन और अभिनय कौशल ने उसे एक ऐसा मुकाम दिलाया कि आज उसका नाम वैश्विक मंच पर गूंज रहा है. संघर्ष की कहानी से सफलता की गाथा लिखते हुए इस बेटे ने पूरी दुनिया का दिल जीत लिया.

बॉलीवुड के उभरते सितारे विशाल जेठवा की जिंदगी एक प्रेरणा है. गरीबी और संघर्ष से निकलकर उन्होंने टीवी से फिल्मों तक का सफर तय किया और अब उनकी फिल्म ‘होमबाउंड’ ऑस्कर 2026 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट हो गई है. नीरज घायवान द्वारा निर्देशित यह फिल्म भारत की आधिकारिक एंट्री थी, जो 86 देशों की फिल्मों में से टॉप 15 में पहुंची. विशाल की परफॉर्मेंस ने फिल्म को वैश्विक पहचान दिलाई. फाइल फोटो.

6 जुलाई 1994 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में जन्मे विशाल जेठवा की कहानी आम लड़के से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित एक्टर बनने की कहानी है. उनके पिता नरेश जेठवा नारियल पानी बेचते थे, जबकि मां प्रीति जेठवा ने परिवार का पेट पालने के लिए घरों में सफाई का काम किया, यहां तक कि सैनिटरी पैड्स बेचे. फाइल फोटो.
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विशाल ने इंटरव्यू में बताया कि उनकी मां की मेहनत और परिवार की आर्थिक तंगी ने उन्हें मजबूत बनाया. कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में जाना उनके लिए रोमांचक लेकिन नर्वस करने वाला था, क्योंकि अंग्रेजी में कॉन्फिडेंस की कमी और साधारण बैकग्राउंड उन्हें असुरक्षित महसूस कराता था. फाइल फोटो.

ठाकुर कॉलेज ऑफ साइंस एंड कॉमर्स से ग्रेजुएशन पूरा करने वाले विशाल ने कभी इंडस्ट्री प्रिविलेज नहीं पाया, सब कुछ मेहनत से कमाया. फाइल फोटो.

करियर की शुरुआत विशाल ने टीवी से की. 2013 में ‘भारत का वीर पुत्र – महाराणा प्रताप’ में युवा अकबर का रोल उनका पहला बड़ा ब्रेक था. इसके बाद ‘संकटमोचन महाबली हनुमान’ में बाली, ‘दिया और बाती हम’ में ‘छोटा पैकेट’, ‘पेशवा बाजीराव’, ‘ठपकी प्यार की’, ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘एक दूजे के वास्ते’ और ‘चक्रधारी अजय कृष्णा’ जैसे शोज में काम किया. दशक भर टीवी पर काम करके उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं. फाइल फोटो.

2019 में ‘मर्दानी 2’ से हिंदी फिल्म डेब्यू किया, जहां रानी मुखर्जी के सामने मुख्य विलेन ‘सनी’ का इंटेंस रोल खेलकर सबको चौंका दिया. यह टर्निंग पॉइंट था. फाइल फोटो.

इसके बाद ‘सलाम वेंकी’ (2022) में काजोल के साथ टाइटल रोल, ‘आईबी71’ (2023), ‘टाइगर ३’ (2023) में हसन अली और 2024 में एमएक्स प्लेयर की सीरीज ‘पार्टी टिल आई डाई’ में काम किया.

विशाल के करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर नीरज घायवान निर्देशित फिल्म ‘होमबाउंड’ बनी. इस फिल्म में उन्होंने चंदन कुमार की भूमिका निभाई, जो एक पुलिस परीक्षा पास करने के लिए संघर्ष करने वाले दो दोस्तों में से एक है. विशाल का अपना जीवन संघर्ष इस किरदार से गहराई से जुड़ा हुआ था, जिसने फिल्म को भावनात्मक रूप से और प्रभावशाली बना दिया. फाइल फोटो.

‘होमबाउंड’ को कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 के ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में प्रदर्शित किया गया, जहां इसकी स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों ने नौ मिनट तक तालियां बजाकर फिल्म का अभिवादन किया. फिल्म को भारत की ओर से 98वें अकादमी पुरस्कारों (ऑस्कर 2026) की ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ श्रेणी में भारतीय प्रविष्टि के रूप में चुना गया और अब यह शॉर्टलिस्ट (टॉप 15) में पहुंच गई है. फाइल फोटो.

दुनियाभर में विशाल जेठवा को लोग अब जानते हैं, लेकिन उन्हें जमीन से जुड़े रहना पसंद करते हैं. विशाल खुद को इंडस्ट्री में कभी-कभी ‘मिसफिट’ महसूस करते हैं, लेकिन मेहनत पर भरोसा रखते हैं. फाइल फोटो.
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