लखनऊ/एबीएन न्यूज। रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा “रबर प्रौद्योगिकी के मूल सिद्धांत: सामग्री, प्रसंस्करण एवं परीक्षण” विषय पर 22 से 24 दिसंबर 2025 तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 दिसंबर को आरडीएसओ के इंजन विकास निदेशालय के सम्मेलन कक्ष में प्रारंभ हुआ।
इस प्रशिक्षण का आयोजन कैरिज निदेशालय, आरडीएसओ द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान (आईआरएमआरआई), कोलकाता के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों में डॉ. देब्दीप्त बसु, डॉ. भरत कपगड़े एवं डॉ. संतोष जगदले शामिल हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सवारी एवं माल डिब्बा वाहनों में प्रयुक्त रबर घटकों की सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, परीक्षण विधियों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग से संबंधित तकनीकी ज्ञान को और अधिक सुदृढ़ करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान से श्री पॉल वन्नन, निदेशक, आईआरएमआरआई; डॉ. के. राजकुमार, पूर्व निदेशक, आईआरएमआरआई; डॉ. देबदीप्ता बसु, डॉ. भरत कपगड़े तथा डॉ. संतोष जगदाले उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र के दौरान श्री ए. के. सिंह, कार्यकारी निदेशक/कैरिज, आरडीएसओ द्वारा निदेशक, आईआरएमआरआई एवं उनकी टीम का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक/वैगन सहित कैरिज एवं वैगन निदेशालयों के निदेशकगण भी मौजूद रहे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रबर कंपाउंडिंग, प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण तथा प्रदर्शन परीक्षण से संबंधित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत व्याख्यान दिए जाएंगे। इससे भारतीय रेल के लिए डिजाइन, मानकीकरण एवं गुणवत्ता आश्वासन से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
आरडीएसओ द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन की तकनीकी क्षमता में निरंतर वृद्धि और आधुनिक तकनीकों के अंगीकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिससे भारतीय रेल की सुरक्षा, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
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