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जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में हुई हिंदू दीपू चंद्र दास की हत्या पर दुख जताया और इसे कत्लेआम बताया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हुई इस हत्या पर उन्हें गुस्सा आ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर लोगों को गुस्सा नहीं आ रहा है, तो और भी ज्यादा खतरनाक है. सांप्रदायिक कट्टरपंथ की निंदा की. उन्होंने इंसानियत को प्राथमिकता देने की बात कही.
नई दिल्ली. जाह्नवी कपूर के लिए यह साल बेहद खास रहा है. इस साल उनकी तीन फिल्में आईं. इनमें से एक ‘होमबाउंड’ को ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. इससे वह काफी खुश हैं. इन सबके बीच उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए इसे ‘कत्लेआम’ करार दिया. जाह्नवी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जानकारी लें, सवाल उठाएं और सांप्रदायिक भेदभाव का विरोध करें.
जाह्नवी कपूर ने अपनी इंस्टा स्टोरी में लिखा, “दीपू चंद्र दास… यह कत्लेआम है और यह कोई अकेली घटना नहीं है. अगर आपको उसकी बेरहमी से मॉब लिंचिंग के बारे में नहीं पता तो इसके बारे में पढ़ें, वीडियो देखें, सवाल पूछें.” जाह्नवी ने आगे कहा कि अगर इन सबके बाद भी गुस्सा नहीं आता तो यह गलत और दोहरा व्यवहार है जो सबके लिए खतरनाक है.

बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या पर जाह्नवी कपूर का पोस्ट. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @janhvikapoor)
जाह्नवी ने लिखा, “बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह देखकर अगर आपको गुस्सा नहीं आ रहा तो यह ठीक इसी तरह का दोहरा व्यवहार है, जो हम सबको खत्म कर देगा. हम दुनिया के दूसरे कोने में किसी घटना पर दुख जताते हैं. हम दूर की घटनाओं पर रोते हैं, लेकिन अपने भाई-बहनों को जलते देखते रहते हैं.”
जाह्नवी कपूर ने सांप्रदायिक कट्टरपंथियों की आलोचना की
जाह्नवी कपूर ने स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक कट्टरपंथ की निंदा की और अपनी बात रखते हुए आगे लिखा, “किसी भी तरह का सांप्रदायिक भेदभाव और कट्टरपंथ, चाहे हम पीड़ित हों या आरोपी, हमें अपनी इंसानियत भूलने से पहले इसकी बुराई करनी चाहिए. हम मोहरे हैं जो मानते हैं कि हम एक अनदेखी लाइन के दोनों तरफ हैं. इसे पहचानें और खुद को जानकारी से लैस करें ताकि आप उन बेगुनाह लोगों के लिए खड़े हो सकें जो इस सांप्रदायिकता में अपनी जिंदगी खोते जा रहे हैं और इससे डरे हुए हैं.”
बांग्लादेश में 27 साल के दीपू चंद्र दास की मॉब लिचिंग में मौत हुई
हाल ही में बांग्लादेश में 27 साल के हिंदू लड़के दीपू चंद्र दास की भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को आग लगा दी थी. इस घटना ने भारत सहित कई देशों में आक्रोश पैदा किया है, जिसे लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध भी देखने को मिला.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
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