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Bollywood Movies With Same Story Line : वैसे तो बॉलीवुड की हर फिल्म की कहानी अलग होती है. फिर भी कई बार ऐसा होता कि एक ही कहानी-हॉलीवुड मूवी से इंस्पायर्ड होकर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर कई फिल्में बना लेते हैं. बस नाम अलग-अलग रख लेते हैं. कई बार तो नाम भी एक जैसा ही होता है. यह भी देखने में आता है कि कई बार एक ही सब्जेक्ट पर बनी हर फिल्म हिट हो जाती है. कई बार एक फिल्म हिट होती है जबकि दूसरी फ्लॉप हो जाती है. 90-2000 के दशक में सेम स्टोरी पर बेस्ड चार फिल्में बनाई गईं. 10 साल के अंतराल में चार फिल्में सिनेमाघरों में आईं. तीन मूवी जहां डिजास्टर साबित हुईं, वहीं एक सुपरहिट रही. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…..
हॉलीवुड की फिल्मों से इंस्पायर्ड होकर बॉलीवुड में मूवी बनाने का चलन नया नहीं है. 60-70 के दशक की जितनी भी अच्छी फिल्में हम देखते हैं, उनका एक पहलू यह भी है कि इनकी कहानी कहीं ना कहीं हॉलीवुड फिल्मों से ही इंस्पायर्ड थी. बस बैकग्राउंड को भारतीय अंदाज में बदला गया. फिल्म की कहानी में भारतीय परंपराओं-मान्यताओं के हिसाब से बदलाव किए गए. नागिन-नगीना-कटी पतंग-आराधना जैसी यादगार फिल्मों की कहानी को भारतीय अंदाज में पेश किया गया. 90 के दशक में ऐसी ही दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं जिनकी कहानी 1993 में रिलीज हुई अमेरिकन ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘इनडीसेंट प्रपोजल’ से ली गई थी. ये फिल्में थीं : सौदा, जुदाई, कारोबार – द बिजनेस ऑफ लव और सौदा – द डील. आइये जानते हैं इन दोनों फिल्मों से जुड़े अनछुए और दिलचस्प फैक्ट्स……….

सबसे पहले बात करते हैं 3 फरवरी 1995 को रिलीज हुई ‘सौदा’ फिल्म की जिसका डायरेक्शन रमेश मोदी ने किया था. इस फिल्म में विकास भल्ला, नीलम और सुमित सहगल लीड रोल में नजर आए थे. इसके अलावा सईद जाफरी, दिलीप ताहिल और किरण कुमार भी अहम भूमिकाओं में थे. म्यूजिक आदेश श्रीवास्तव का था. म्यूजिक बहुत ही औसत था. सिर्फ एक गाना ‘दीवाना तो कह दिया ‘ ही सुनने लायक था. स्क्रीनप्ले रमेश मोदी-शशिराज ने लिखा था. डायलॉग शशिराज ने लिखे थे. प्रोड्यूसर सुधाकर बोकाड़े थे जिन्होंने 1991 में साजन फिल्म बनाई थी. यह फिल्म ऐश्वर्या राय को भी ऑफर हुई थी. ट्विंकल खन्ना और करिश्मा कपूर को भी एप्रोच किया गया था.

सुमित सहगल और नीलम ने इसके अलावा दो और फिल्मों दोस्त गरीबों का और बिल्लू बादशाह में ही काम किया है. राकेश रोशन ने भी ‘इनडीसेंट प्रपोजल’ का रीमेक ‘कारोबार’ नाम से बनाया था. सुमित सहगल का पूरा करियर इस फिल्म पर टिका था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई तो उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री छोड़ दी. उन्होंने एक्टिंग से तौबा कर ली. मजेदार बात यह है कि ‘सौदा’ नाम से ही 1991 में विजय आनंद एक फिल्म बना रहे थे. इसमें अक्षय कुमार, विजय आनंद, सुरेश ओबेरॉय लीड रोल में थे. प्रोड्यूसर सूरज प्रकाश थे लेकिन यह फिल्म बाद में बंद कर दी गई. 70 लाख के बजट में बनी ‘सौदा’ फिल्म ने 70 लाख का ही कलेक्शन किया था. यह एक डिजास्टर फिल्म साबित हुई थी.
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आगे चलकर 15 सितंबर 2000 में राकेश रोशन ने ‘कारोबार : द बिजनेस ऑफ लव’ नाम से सेम स्टोरी लाइन पर फिल्म रिलीज की. यह फिल्म भी ‘इनडीसेंट प्रपोज’ से ही इंस्पायर्ड थी. पहले इस फिल्म का टाइटल ‘कोई जीता कोई हारा’ था. यह फिल्म अनिल कपूर, श्रीदेवी, जैकी श्रॉफ को लेकर बनाई जानी थी लेकिन श्रीदेवी ने यह फिल्म करने से इनकार कर दिया था. उनकी आपत्ति फिल्म के कुछ सींस पर थी. स्विमशूट पहनने से भी उन्होंने इनकार कर दिया था. राकेश रोशन ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन श्रीदेवी नहीं मानीं. बाद में जूही चावला को फिल्म में साइन किया गया था.

यह फिल्म पूरे 7 साल डिले थी. राकेश रोशन की पहली ऐसी फिल्म थी जो इतना डिले हुई थी. फिल्म में ऋषि कपूर, अनिल कपूर और जूही चावला लीड रोल में थे. गीतकार जावेद अख्तर थे. म्यूजिक राजेश रोशन का था. बतौर हीरो यह ऋषि कपूर की लास्ट फिल्म थी. जब फिल्म रिलीज हुई तब ऋषि कपूर बतौर एक्टर रिटायर हो चुके थे. उन्होंने बतौर डायरेक्टर ‘आ अब लौट चले’ फिल्म बनाई थी जो कि कारोबार से पहले रिलीज हुई थी. फिल्म के फर्स्ट हाफ में अनिल कपूर का कैरेक्टर निगेटिव था. यह फिल्म तब चर्चा में आई जब जूही चावला ने कोरियाग्राफर चिनी प्रकाश पर जबरन गंदे तरीके से टच करने का आरोप लगाया था. 6 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ 2.7 करोड़ रुपये ही कमा पाई थी. यह एक डिजास्टर फिल्म साबित हुई थी.

इस लिस्ट में तीसरी फिल्म 30 सितंबर 2005 में रिलीज हुई थी. इसका नाम ‘सौदा – द डील’ था. इस फिल्म में अनिल कपूर के छोटे भाई संजय कपूर, आर्यन वैद्य, सुमन रंगनाथन और प्रीति झिंगयानी लीड रोल में नजर आए थे. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर जय प्रकाश शॉ थे. म्यूजिक आनंद मिलिंद, समीर टंडन का था. गीतकार संदीप नाथ और प्रवीण भारद्वाज थे. स्क्रीनप्ले मिराक मिर्जा ने लिखा था. यह फिल्म भी अमेरिकन मूवी ‘इनडीसेंट प्रपोजल’ पर ही बेस्ड थी.

कारोबार में अनिल कपूर ने जिस तरह का रोल किया था, सौदा – द डील में संजय कपूर ने ठीक वैसा ही रोल किया. यह तीसरा मौका था जब संजय कपूर ने निगेटिव भूमिका में पर्दे पर नजर आए. 2.5 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ 1.6 करोड़ का कलेक्शन कर पाई थी. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म डिजास्टर साबित हुई.

जब अमेरिकन फिल्म ‘इनडीसेंट प्रपोज’ भारत में रिलीज हुई तो कई प्रोड्यूसर ने इस फिल्म का हिंदी में रीमेक बनाना चाहा. मुंबई में सुधाकर बोकाड़े ने ‘सौदा’ तो हैदराबाद में कृष्ण रेड्डी ने अपनी ही स्टाइल में तेलुगू फिल्म बनाई और नाम ‘शुभलगनम’ नाम दिया. कृष्ण रेड्डी ने ही बाद में जुदाई नाम से हिंदी में फिल्म बनाई. सौदा जहां बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर रही, वही शुभलगनम हिट थी. 120 दिन तक सिनेमाघरों में चलती रही थी लेकिन कृष्णा रेड्डी ने स्टोरी में कई मजेदार बदलाव किए थे. जहां इनडीसेंट प्रपोजल और सौदा फिल्म में एक लड़की और दो लड़के की कहानी दिखाई जाती है, वहीं शुभलगनम में दो लड़की और एक लड़के की कहानी दिखाई जाती है. एक लड़की पैसे के लिए अपने पति को बेच देती है.

अनिल कपूर-श्री देवी और उर्मिला मातोंडकर स्टारर ‘जुदाई’ फिल्म 28 फरवरी 1997 को रिलीज हुई थी. फिल्म को राज कंवर ने डायरेक्ट किया था. प्रोड्यूसर अनिल कपूर के पिता सुरेंद्र कपूर और भाई बोनी कपूर थे. फिल्म में कादर खान, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, परेश रावल, उपासना सिंह, और सईद जाफरी अहम भूमिकाओं में थे. यह फिल्म एसवी कृष्णा रेड्डी की ‘शुभलगनम’ की रीमेक थी. म्यूजिक नदीम-श्रवण का था. गीतकार समीर थे. म्यूजिक सुपरहिट था और करीब 20 लाख ऑडियो कैसेट बिके थे.थे. फिल्म का सबसे हिट सॉन्ग ‘मुझे एक पल नींद ना आए, सजना तेरे बिना…जुदाई है जुदाई, हो रब्बा आई ना जुदाई’ जिसे नदीम श्रवण पाकिस्तानी सिंगर नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली ‘सानू एक पल चैन ना आए’ से कॉपी किया था. फिल्म का एक और सॉन्ग ‘हां मुझे प्यार हुआ, प्यार हुआ अल्लाह मियां’ भी बहुत पॉप्युलर हुआ था.

जुदाई अनिल कपूर- श्री देवी की लास्ट फिल्म थी, जब दोनों ने साथ में काम किया. यह एकमात्र फिल्म है जिसमें उर्मिला मातोंडकर-अनिल कपूर साथ में पर्दे पर नजर आए. सबसे दिलचस्प बात यह है कि ‘जुदाई’ फिल्म को लो ओपनिंग मिली थी. पूरे एक हफ्ते के बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और सुपरहिट साबित हुई. उपासना सिंह ने ‘अब्बा-डब्बा-झब्बा’ बोलकर सबका दिल जीत लिया था. उनका किरदार बहुत फेमस हुआ. उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले. पूनम ढिल्लो और श्रीदेवी की लास्ट फिल्म थी. परेश रावल ने हसमुखलाल का किरदार निभाय था जो माथे पर प्रश्ववाचक चिह्न बनाकर चलता है. अनिल कपूर ने यह फिल्म सिर्फ अपने पिता के दबाव में की थी. करीब 6 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 28 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. सबसे दिलचस्प बात यह है कि जुदाई नाम से ही 1980 में रेखा-जीतेंद्र की एक फिल्म आई थी जिसका एक गाना ‘मार गई मुझे तेरी जुदाई, डस गई ये तन्हाई’ आज भी उतना ही पॉप्युलर है.
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