जब वर्दी नहीं थी, तब पीड़ितों की सेवा, विभागीय अनुशासन की बात करते थे। खाकी वर्दी पहनते ही व्यवहार बदल गया। आम लोगों के नमस्कार नहीं करने पर गुस्सा आता है। छुट्टी न मिलने पर तनाव में आ रहे हैं। पत्नी और बच्चों से भी रिश्ते बिगड़ रहे हैं। यह खुलासा कमिश्नरेट में तैनात एक हजार पुलिस कर्मियों-अधिकारियों पर हुए एक सर्वे में हुआ है। 50 फीसदी पुलिसकर्मी वर्दी में राैब दिखाते हैं। 80 फीसदी डयूटी के ज्यादा घंटे, कम छुट्टी से तनाव में रहते हैं। 20 फीसदी में ही सकारात्मक धारणा की बात सामने आई।
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