सोनभद्र/एबीएन न्यूज। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में मलेरियल ड्रग प्रोटोकॉल एवं एमएमडीपी (मोरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन) विषयक एकदिवसीय गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में मलेरिया उपचार नीति की समझ को मजबूत करना एवं फाइलेरिया रोग नियंत्रण के तहत एमएमडीपी किट वितरण व प्रशिक्षण को प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम में डा. ओजस्वनी (रीजनल कोऑर्डिनेटर, पाथ) द्वारा मलेरिया उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तारपूर्वक प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने पीएफ एवं पीवी मलेरिया उपचार पॉलिसी के दिशानिर्देशों को पीपीटी के माध्यम से साझा करते हुए फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मलेरिया ड्रग पॉलिसी संहित बैनर का अनावरण किया तथा सभी ब्लॉकों के मेडिकल ऑफिसर्स को यह बैनर प्रदान किया गया, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर इसे जागरूकता व संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोग किया जा सके।

फाइलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एमएमडीपी प्रशिक्षण का संचालन श्री अजनी द्विवेदी (डीसी, पाथ) द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में लिम्फोडिमा रोगियों की देखभाल, स्वच्छता, व्यायाम की प्रक्रिया और रोग की स्थिति में सुधार के उपायों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। एमएमडीपी किट के अंतर्गत वितरित की जाने वाली वस्तुओं — बाल्टी, टब, मग्गा, तौलिया, साबुन और एंटीफंगल क्रीम — को रोगियों के लिए उपयोगी बताते हुए इनके सही उपयोग की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वीबीडी) प्रेमनाथ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। गोष्ठी में जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों, बीसीपीएम, ब्लॉक एलटी, मेडिकल ऑफिसर्स, शिवम पांडेय (जीसीपीसीआई) सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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