बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद सोनभद्र के लिए साहित्यिक जगत से एक गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नवोदित रचनाकार, शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. बृजेश कुमार सिंह ‘महादेव’ की नवीन काव्य कृति “प्रणय पुंजिका” को 20वें विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में शामिल किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 10 से 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, जहां देश-विदेश के साहित्यप्रेमी और प्रकाशक एक मंच पर एकत्रित होंगे।
डॉ. बृजेश महादेव की यह कृति भारत मंडपम के हॉल संख्या-6, स्टाल संख्या V-18 पर पाठकों के लिए उपलब्ध रहेगी। “प्रणय पुंजिका” प्रेम, संवेदना और मानवीय भावनाओं का सजीव काव्यात्मक प्रस्तुतीकरण है, जो पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की क्षमता रखती है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. बृजेश महादेव ग्राम भरहरी, जनपद सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी हैं। उनके पिता रामश्रृंगार सिंह एक साधारण किसान हैं, जबकि माता गायत्री देवी एक कुशल गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वित्तविहीन विद्यालय में अध्यापन करते हुए अपनी शैक्षिक यात्रा जारी रखी और परास्नातक व प्रशिक्षण पूरा किया।
वर्ष 2002 में उनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा परिषद, सोनभद्र में हुई। इसके पश्चात 2014 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से उन्होंने डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की। उनका साहित्यिक सफर 1990 के दशक से आरंभ हुआ, जो आज भी निरंतर सृजनशीलता के साथ आगे बढ़ रहा है।
अब तक उनकी अनेक चर्चित कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें सामान्य ज्ञान दर्पण, भौगोलिक मानचित्रांकन, कौन करेगा इंसाफ (बाल उपन्यास), वनवासी महानायक, क्रियात्मक संगीत, भजन चालीसा, तरुवर स्तवन, सरगम बोध, बैसवार समाज, पर्यावरण प्रदीपिका, वनस्पतांजलि, अरमानों की हत्या, महादेव प्रयास, पादप पहेलिया, सवर्णिम सोनभद्र तथा नवीनतम कृति प्रणय पुंजिका (2025) प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त अनेक उपन्यास, कहानी संग्रह, काव्य ग्रंथ और शोध पत्र प्रकाशित व प्रकाशनाधीन हैं।
डॉ. महादेव कई साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं से भी जुड़े रहे हैं। वे सर्चलुक, मंगला, सोनांजलि, निष्ठा, वाटिका, बैसवार दर्पण तथा साहित्य सरोवर (ई-पत्रिका) के संपादक हैं। साहित्य के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। शिक्षा, समाजसेवा और स्काउटिंग के क्षेत्र में उन्हें एशियन एजुकेशन अवार्ड, नेशनल बिल्डर्स अवार्ड, राज्य ICT अवार्ड सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
विश्व पुस्तक मेले जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर “प्रणय पुंजिका” के चयन से न केवल डॉ. बृजेश महादेव, बल्कि जनपद सोनभद्र का भी साहित्यिक मान बढ़ा है। इस उपलब्धि पर साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
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