उत्तर-पश्चिमी हवा के बरेली में प्रवेश से ठिठुरन और गलन बढ़ी है। तीन साल बाद मंगलवार को पारा फिर तीन डिग्री पहुंच गया। मंगलवार को दिन में चटक धूप के बावजूद सर्द हवा शीतलहर का अहसास कराती रही। बुधवार सुबह फिर कोहरा छा गया। सुबह 10 बजे के बाद हल्की धूप खिलने लगी। मौसम विभाग ने 48 घंटे तक रात में गलन, दिन में शीतलहर का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार सोमवार रात हवा की दिशा पछुआ होने से पहाड़ों की बर्फीली हवा ने मैदान में डेरा डाला। भीषण ठंड से लोग ठिठुरते रहे। रात का तापमान 0.8 डिग्री लुढ़ककर सामान्य से 2.1 डिग्री कम तीन डिग्री दर्ज हुआ। मंगलवार को सुबह धूप हुई पर शीतलहर से ठिठुरन बरकरार रही। अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़त के बाद सामान्य से एक डिग्री कम 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम पांच बजे से ही हल्का कोहरा छाने लगा। इसके साथ ही शीतलहर भी हावी हो गई। रात में घने कोहरे की चादर में शहर लिपटने लगा। रात में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में बरेली तीसरे पायदान पर है। कोहरे से दृश्यता शून्य से 30 मीटर तक दर्ज की गई। घना कोहरा दिन चढ़ने के साथ तेजी से छंटने से धूप निकली और ठंड से हल्की राहत मिली है।