अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन को आतंकवादी घोषित किया है. इस संगठन को मिस्र, लेबनान, जॉर्डन में आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. अमेरिका इजराइल विरोधी देशों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है. यह आदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के हफ्तों बाद आया है, जिसमें उन्होंने अपने प्रशासन को इस समूह को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा कि ये घोषणाएं मुस्लिम ब्रदरहुड चैप्टर की हिंसा और अस्थिरता को रोकने के लिए चल रहे लगातार प्रयास की शुरुआती कार्रवाई को दर्शाती है. चाहे वो कहीं भी हों.
उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका इन मुस्लिम ब्रदरहु़ड चैप्टर को आतंकवाद में शामिल होने या उसका समर्थन करने, संसाधनों से वंचित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा.’
अमेरिका की इन घोषणाओं के बाद अब किसी भी तरह की मदद देना गैरकानूनी हो गया है. इनपर अमेरिका में घुसने पर भी रोक लगाई गई है. साथ ही रेवन्यू रोकने के लिए कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं.
क्या है ब्रदरहुड संगठन?
1928 में मिस्र के मुस्लिम विद्वान हसन अल बत्रा द्वारा इस ग्रुप को स्थापित किया गया था. मुस्लिम ब्रदरहुड की पूरे मध्यपूर्व में कई ब्रांच हैं. इनमें राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन शामिल हैं. इनमें यह शांतिपूर्ण राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रतिबद्धता जाहिर करते हैं. लेबनान में मुस्लिम ब्रदरहुड चैप्टर लेबनान की संसद में प्रतिनिधित्व करता है. इसे अल जमा अल इस्लामिया के नाम से जाना जाता है.
साल 2012 में मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड ने 2012 में देश का एकमात्र लोकतांत्रिक रूप से आयोजित राष्ट्रपति चुनाव जीता था. हालांकि, राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को एक साल बाद हटा दिया गया था. 2019 में जेल में उनकी मौत हो गई थी.
इजिप्ट ने मुस्लिम ब्रदरहुड को भी गैरकानूनी घोषित किया
इजिप्ट ने भी मुस्लिम ब्रदरहुड को गैरकानूनी घोषित कर दिया है. 2013 से ग्रुप के नेताओं और सदस्यों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की गई है. इससे संगठन अंडरग्राउंड हो गया है और निर्वासन में चला गया है.










