नैनीताल के रामनगर क्षेत्र से दर्दनाक हादसा सामने आया है, यहां ठंड से बचने की कोशिश ने दो लोगों की जान ले ली. डंपर के केबिन के भीतर पेट्रोमैक्स जलाकर हाथ सेक रहे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार, जो आपस में चाचा-भतीजे थे, उपखनिज लोड करने के लिए रामनगर के पीरुमदारा स्थित एक स्टोन क्रेशर पर पहुंचे थे. देर रात सामग्री लोड होने के बाद दोनों डंपर के केबिन में बैठ गए. कड़ाके की ठंड से बचने के लिए उन्होंने केबिन के अंदर पेट्रोमैक्स जला लिया और शीशे बंद कर लिए.
दम घुटने की वजह से चाचा-भतीजे की मौत
बताया जा रहा है कि पेट्रोमैक्स से निकलने वाली गैस धीरे-धीरे केबिन में भर गई, जिससे दोनों को सांस लेने में दिक्कत हुई और वे बेहोश हो गए. काफी देर तक जब दोनों डंपर से बाहर नहीं निकले तो आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ. लोगों ने डंपर के शीशे तोड़े और दोनों को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया.
मृतक के भाई ने क्या कहा?
मृतक के भाई कासिम ने बताया कि दोनों मजदूरी और वाहन चलाने का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे. इस हादसे से पूरा परिवार सदमे में है. वहीं संयुक्त चिकित्सालय की चिकित्सक डॉ. कृतिका ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण दम घुटना प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
फिलहाल, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह हादसा ठंड के मौसम में बंद स्थानों पर किसी भी प्रकार के ईंधन या गैस जलाने के खतरों की एक गंभीर चेतावनी भी है.










