सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्थित रिक्त उपकेंद्रों पर रोटेशन के आधार पर नियमित एएनएम की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि टीकाकरण कवरेज में प्रभावी वृद्धि हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वच्छता व्यवस्था उच्च स्तर की होनी चाहिए। यदि सफाई कार्य में लगे कर्मियों द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित चयनित एजेंसी को सूचित कर तत्काल उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने आयुष्मान कार्ड, एनसीडी स्क्रीनिंग, टेली कंसल्टेशन जैसे कार्यक्रमों में कम प्रगति वाले कम से कम 20 सीएचओ को प्रतिदिन प्रातः 10 बजे जनपद मुख्यालय पर बुलाकर नियमित प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एएनसी पंजीकरण एवं प्रसव संबंधी प्रगति की आशा एवं एएनएम स्तर पर समीक्षा कर स्थिति में सुधार लाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रत्येक माह होने वाली मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु की ऑडिट कर लाइन लिस्ट एवं ऑडिट रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फरवरी 2026 तक सीएचओ के माध्यम से एनसीडी स्क्रीनिंग शत-प्रतिशत पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। समिति द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह ब्लॉक स्तर पर सैम बच्चों की सूची संबंधित अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ साझा कर उचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित कराया जाए तथा सीएचओ के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जाए।
आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक बमनी, चोपन, घोरावल एवं म्योरपुर तथा सपोर्टिव सुपरविजन के अंतर्गत बभनी, चोपन, म्योरपुर एवं रॉबर्ट्सगंज में वाहनों के संचालन न होने पर संबंधित अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जेम पोर्टल के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
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