सोनभद्र/एबीएन न्यूज। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में फाइलेरिया नियंत्रण को लेकर प्रथम अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद सोनभद्र के ककराही एवं घोरावल विकासखंडों में फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 10 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक एमडीए–आईडीए अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जाएगा। एक वर्ष से अधिक आयु की पूरी आबादी को अल्बेन्डाजोल, दो वर्ष से अधिक आयु वालों को डीईसी तथा पांच वर्ष से अधिक आयु वालों को आइवरमेक्टिन की गोलियां आयु वर्ग एवं लंबाई के अनुसार दी जाएंगी। यह कार्य सप्ताह में चार दिन—सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन लगभग 20 से 25 घरों में दवा खिलाई जाएगी।
वीबीडी कंसल्टेंट कुमार शुभम द्वारा पीपीटी के माध्यम से आईडीए कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार माइक्रोप्लान तैयार कर लिया जाए, आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण समय से पूर्ण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दवा वितरण के बजाय टीम द्वारा अपने सामने ही दवा सेवन कराया जाए। साथ ही प्रचार-प्रसार के माध्यम से दवा न खाने वाले लोगों को जागरूक कर दवा खिलाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देशित किया गया कि राशन वितरण के दौरान फाइलेरिया से संबंधित पोस्टर कोटेदारों की दुकानों पर लगवाएं और लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। राष्ट्रीय आजीविका मिशन को स्वयं सहायता समूहों की सखियों के माध्यम से गांव-गांव जागरूकता फैलाने तथा सखी दिवस की बैठकों में फाइलेरिया के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी ग्राम प्रधान 10 फरवरी को स्वयं दवा सेवन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी ग्रामीण दवा सेवन से वंचित न रहे। शिक्षा विभाग को बच्चों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने और दवा सेवन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
बैठक में समस्त अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी वीबीडी, जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, पीसीआई के डीसी कोऑर्डिनेटर, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम सहित संबंधित विभागों की टीमें उपस्थित रहीं।
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