उसने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो पत्नी और युवकों ने उसके साथ मारपीट की और पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। पुलिस सभी को चौकी ले आई जहां युवकों को रोककर रात तीन बजे दंपती को सुबह आने की बात कह कर घर भेज दिया। सचिन के अनुसार, वह घर पहुंचा तो पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया और युवकों के साथ ही रहने की धमकी दी।
विवाद के बाद की पत्नी की हत्या
यह सुनकर उसने आपा खो दिया और गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना की जानकारी युवती के मायके वालों को दी। पुलिस के अनुसार, महिला के परिजनों ने पहले तो आने से इन्कार कर दिया। कई बार फोन करने पर सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने की बात कही। हत्या की जानकारी पर डीसीपी सत्यजीत गुप्ता फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की।
जिसने लगाया था दुष्कर्म का आरोप उसी से प्रेम विवाह, फिर की हत्या
सचिन पर जिस युवती से दुष्कर्म का आरोप लगा था उसी से उसने प्रेम विवाह किया फिर उसी की हत्या भी कर दी। महाराजपुर थाने में गुनाह कबूल करते हुए सचिन ने बताया कि वह पत्नी श्वेता को बहुत प्यार करता था। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और गांव में उसके घर के सामने रहती थी। दोनों में तीन साल तक प्रेम संबंध रहे। घर वाले इसका विरोध करते थे। इसके बाद युवती के परिजन ने गाजीपुर थाने में उसके खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
दो माह जेल में रहने के बाद जब जमानत पर छूटा तो श्वेता से प्रेम विवाह कर लिया। वहीं, सचिन पर हुसैनगंज में युवक की पीटने के दौरान मौत का आरोप लग चुका है। सचिन ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शहर से भाग जाना चाहता था। सेंट्रल स्टेशन भी गया था लेकिन फिर समर्पण करने के उद्देश्य से थाने पहुंच गया। बोला कि दो दिन पहले ही पत्नी ने जैकेट के लिए जिद की थी। उसकी पसंदीदा जैकेट दिलाई थी इसके बाद भी उसने धोखा दे दिया।
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