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फिल्म ‘गोदान’ के जरिय भारतीय कल्चर और गौ माता की अहमियत को बताने की कोशिश हुई है. फिल्म को कामधेनु इंटरनेशनल प्रोडक्शंस ने बनाया है, जिसका पोस्टर रिलीज हो गया है. फिल्म 6 फरवरी को रिलीज होगी. इसे विनोद चौधरी ने निर्देशन किया.
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गौमाता के अहमियत को आज के नजरिये में समझाने के लिए बनी फीचर फिल्म ‘गोदान’ जल्द ही दर्शकों के बीच होगी. कामधेनु इंटरनेशनल प्रोडक्शंस के बैनर तले तैयार हुई फिल्म का पोस्टर हाल में मेरठ में भव्य अंदाज में रिलीज किया गया. इस दौरान, फिल्म से जुड़े कलाकारों और गेस्ट ने समाज को एक बड़ा मैसेज देने का संकल्प दोहराया.
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा बबीता चौहान ने फिल्म का पोस्टर रिलीज करते हुए इस कोशिश की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘सनातन की आत्मा गौमाता में बसती है. आज के समय में जब हम अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, यह फिल्म गुम हो रही गौमाता को बचाने और उनकी अहमियत को समझाने की एक कोशिश है.’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह फिल्म केवल किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं को अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का एक मजबूत जरिया है.
सिर्फ आस्था नहीं, विज्ञान भी
फिल्म के निर्माता और निर्देशक विनोद चौधरी ने बताया कि ‘गोदान’ को कामधेनु गौ शाला समिति, मथुरा के खास सहयोग से तैयार किया गया है. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘साइंस पर आधारित होना है. निर्देशक का मानना है कि गौ संरक्षण क्यों जरूरी है, इसे वैज्ञानिक नजरिये से दिखाया गया है, ताकि हर वर्ग और आज की तार्किक पीढ़ी इसे आसानी से समझ सके. विनोद चौधरी ने एक भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर गौ हत्या जैसे अपराधों में शामिल लोग एक बार इस फिल्म को देख लें, तो उनका दिल परिवर्तन होना पक्का है और वे खुद इस मार्ग को त्याग देंगे.
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