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Bollywood Blockbuster Movie : बॉलीवुड में कई हीरो-हीरोइन ने लीक से हटकर रोल करके दर्शकों का दिल जीता. अपनी प्रतिभा को भी साबित किया. इंडस्ट्री में आए बदलाव के हिसाब से खुद को बदला. निगेटिव रोल्स भी किए. 90 के दशक के एक हीरो ने तीन फिल्मों में यादगार निगेटिव रोल्स किए. एक मूवी ने तो 358 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का क्लैश दीपिका पादुकोण की मूवी के साथ हुआ था. दीपिका की मूवी डिजास्टर साबित हुई थी.
2025 में मराठी नॉवेल पर बनी फिल्म ‘छावा’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की. मूवी ने 800 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया. मराठा इतिहास-संस्कृति पर एक और फिल्म 2020 में आई थी. फिल्म का नाम ‘तान्हा जी’ था जिसमें अजय देवगन, काजोल और सैफ अली खान लीड रोल में थे. फिल्म का डायरेक्शन ओम राउत ने किया था. बतौर डायरेक्टर यह उनकी पहली फिल्म थी. फिल्म तानाजी मालसुरे की लाइफ से इंस्पायर्ड थी. सत्रहवीं सदी में वो शिवाजी के प्रमुख सहयोगी थे. उन्होंने कोंढाणा के किले को जीतने के लिए जान की बाजी लगा दी थी. दिलचस्प बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का क्लैश दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ से हुआ था. आइये जानते हैं इस मूवी से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…

तान्हा जी 10 जनवरी 2020 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म में उदयभान का रोल सैफ अली खान ने निभाया. फिल्म को अजय देवगन, भूषण कुमार और कृष्ण कुमार ने प्रोड्यूस किया था. फिल्म में शिवाजी महाराज का किरदार शरद केलकर ने निभाया था जो मराठी और साउथ इंडियन सिनेमा के जाने-माने एक्टर हैं. उन्होंने ही बाहुबली में प्रभाष के किरदार को आवाज दी थी.

तान्हाजी मालुसरे छत्रपति शिवाजी महाराज के बचपन के दोस्त थे. मराठा सेना के बहादुर सूबेदार थे. अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध थे. 1670 की बात है. तान्हा जी अपने बेटे की शादी का न्यौता देने के लिए शिवाजी महाराज के पास गए थे. इसी दौरान उन्हें पता चला कि सिंहगढ़ किला मुगल कमांडर उदय भान के कब्जे में था. उन्होंने शिवाजी महाराज के आदेश पर, कोंढाणा (सिंहगढ़) किले को मुगल किलेदार उदयभान सिंह राठौड़ से मुक्त कराने के लिए रात के अंधेरे में अपने 300 मावलों के साथ खड़ी चट्टान के रास्ते किले पर चढ़ाई की थी. सिंहगढ़ के युद्ध नाम से मशहूर इस जंग का किस्सा महाराष्ट्र सरकार की संस्था बाल भारती द्वारा प्रकाशित कक्षा चार की किताब में वर्णित है. इसी ऐतिहासिक घटना पर डायरेक्टर ओम राउत ने फिल्म बनाई.
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सिंहगढ़ किला पुणे शहर के 20 किमी दक्षिण पश्चिम में हवेली तहसील में स्थित है. इस क़िले का क्षेत्रफल 70,000 वर्ग किलोमीटर है. किले का एक द्वार पुणे की ओर खुलता है तो दूसरा द्वार कल्याण की ओर खुलता है. सिंहगढ़ किले पर फिर से कब्जा आसान नहीं था. सीधी चढ़ाई के बाद मेन गेट पर पहुंच कर किले के फाटक को खोलना था. मराठा सेना के लिए ये आसान नहीं था.

किसी तरह तान्हा जी पहाड़ी पर चढ़कर 300 सैनिकों के साथ किले के दरवाजे तक पहुंचे. उदयभान-तान्हा जी के बीच युद्ध हुआ. इसमें तान्हाजी की ढाल टूट गई. युद्ध में तान्हाजी के साथ उदयभान भी मारा गया. हालांकि मराठा सेना ने किले पर कब्जा हासिल कर लिया. उस वक्त शिवाजी महाराज के मुंह से निकला- ‘गढ़ आला, पन सिंह गेला’ यानी किला तो जीत लिया लेकिन अपना शेर खो दिया.

फिल्म का जब ट्रेलर रिलीज हुआ तो मराठे झंडे पर बने ‘ओम’ सिंबल को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई. मराठाओं ने अपने ध्वज में कभी भी किसी सिंबल का इस्तेमाल नहीं किया. फिल्म का फाइनल कट में उसे ‘ओम’ सिंबल को हटा दिया गया.

क्लाइमैक्स में अजय देवगन और सैफ अली खान के बीच फाइट के कई सीन जर्मनी के टेक्निशियन की मदद से फिल्माए गए थे. अजय देवगन और सैफ अली की साथ में यह चौथी फिल्म थी. इससे पहले दोनों ने कच्चे धागे (1999), एलओसी कागरिल (2003) और ओमकारा (2006) जैसी फिल्मों में काम किया था.

172 करोड़ के बजट में बनी तान्हा जी फिल्म ने 358 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. दिलचस्प तथ्य यह है कि इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ से मुकाबला हुआ था. 50 करोड़ के बजट में बनी ‘छपाक’ मूवी ने सिर्फ 49 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक फ्लॉप फिल्म साबित हुई थी. फिल्म को मेघना गुलजार ने डायरेक्ट किया था. दीपिका पादुकोण-गोविंद सिंह संधु और मेघना गुलजार ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. यह फिल्म भी रियल घटना पर बेस्ड थी.
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