सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह कंजड़न मोहल्ला से 300 मीटर दूर बगीचे में खेल रहे सात-आठ साल के चार बच्चे वहां पड़े बारूद को राख के धोखे पॉलिथीन में भरकर घर ले आए। खेल-खेल में एक दूसरे पर राख फेंकी। पास में जल रहे अलावा में राख के गिरने पर भम्म की आवाज के साथ जबरदस्त रोशनी हुई। आग की चपेट में आए चारों बच्चे बुरी तरह से झुलस गए। परिजनों ने चारों को अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं, प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस का कहना है कि दिवाली के दौरान पटाखों का अवैध भंडारण करने वालों ने बारूद बगीचे में फेंका होगा जिससे हादसा हुआ।
कंजड़न मोहल्ला निवासी बीनू फेरी लगाकर पायदान, चटाई, प्लास्टिक का सामान बेचते हैं। परिवार में बेटा निहाल (8), करिया (7), बेटी अमायरा (3) और पत्नी रजनी हैं। रजनी ने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे बेटा निहाल और करिया घर से 300 मीटर दूर हाईवे पार करके धरमंगदपुर इलाके में बगीचे में खेलने गए थे। उनके साथ पड़ोस में रहने वाले किशन का बेटा कृष्णा (8) और जयल का बेटा ऋषि (8) भी था। बच्चों को वहां कूड़े के ढेर में बारूद पड़ा मिला जिसे वह राख समझकर खेलने के लिए पॉलिथीन में भरकर घर ले आए।
बताया उन्होंने घर के बाहर अलाव जलाया था। चारों बच्चे घर लौटे और खेल-खेल में एक दूसरे के ऊपर राख डालने लगे। राख जैसे अलाव में गिरी तो तेज आवाज के साथ आग भभक पड़ी। चारों बच्चों के सिर से लेकर कपड़ों तक में बारूद पड़ी होने से वह भी आग की चपेट में आ गए। बच्चे वहीं गिरकर तड़पने लगे। चीखपुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों की मदद से परिजन बच्चों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे जहां से उन्हें उर्सला ले गए। चारों बच्चों का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उधर बारूद से बच्चों के झुलसने की खबर पर डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी फोर्स संग घटनास्थल पहुंचे। लोगों से पूछताछ की। सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि दिवाली के समय पर पटाखों के अवैध भंडारण को लेकर पुलिस ने अभियान चलाया था। पकड़े जाने के डर से बगीचे में किसी व्यापारी द्वारा बारूद फेंके जाने की आशंका है। परिजनों ने उन्हें बताया कि बारूद में धमाका भी हुआ था। ऐसे में पुलिस का मानना है कि बारूद में पटाखे रहा होगा तभी धमाके की संभावना है।
अस्पताल पहुंचकर पुलिस ने माता-पिता के लिए बयान
हादसे के बाद सचेंडी पुलिस उर्सला अस्पताल पहुंची। यहां सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने सगे भाई निहाल व करिया के पिता बीनू और मां रजनी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। अपने बच्चों को चेहरे व हाथ पैर झुलसता देखकर मां बिलखती रही तो पुलिस और वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसे जल्द ठीक होने का ढाढ़स बंधाया।










