अमेरिकी टैरिफ की चुनौतियों के बीच केंद्रीय बजट ने लेदर इंडस्ट्री को आंशिक राहत दी है। उद्योग का मानना है कि एमएसएमई, कस्टम नियमों में सरलीकरण, डिजाइन और विदेशी निवेश से जुड़े फैसलों से यूपी के लेदर सेक्टर को मजबूती मिलेगी, हालांकि कुछ अहम मांगें अब भी लंबित हैं। अनुमान है कि इन प्रावधानों से अगले तीन साल में यूपी के लेदर बाजार में करीब 5000 करोड़ रुपये का उछाल आएगा और लगभग 3000 करोड़ रुपये का नया विदेशी निवेश आएगा।
लेदर इंडस्ट्री के मुताबिक बजट में हर सेक्टर को टच किया गया है। लेदर सेक्टर की 95–98 फीसदी इकाइयां एमएसएमई के तहत आती हैं। बजट में ट्रेड स्कीम का सरलीकरण और 10 हजार करोड़ रुपये से एमएसएमई चैंपियन बनाने की पहल को उद्योग के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। इससे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी बेहतर लाभ मिलेगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना से घरेलू डिजाइन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को अवसर मिलेंगे। फेमा में संशोधन के बाद फुटवियर सेक्टर में सीधा विदेशी निवेश आने का रास्ता साफ होगा।