सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश श्री राम सुलीन सिंह, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के निर्देशन में आगामी 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण, आर्बिट्रेशन एवं पेटी ऑफेन्सेस के वाद, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, विद्युत एवं जल बिल से संबंधित (अशमनीय मामलों को छोड़कर) प्रकरण, सेवा में वेतन एवं भत्तों तथा सेवानिवृत्ति परिलाभों से जुड़े विवाद, राजस्व वाद (केवल उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में लंबित) तथा अन्य सिविल वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुलह योग्य प्री-लिटिगेशन मामलों को भी आपसी समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा।
अधिकाधिक वादों के निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 10 फरवरी 2026 को अपराह्न 3:00 बजे जनपद न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त तहसीलदारों, सचिव विधिक सेवा समिति, मनरेगा अधिकारी तथा उप संभागीय परिवहन अधिकारी को आमंत्रित किया गया था। बैठक में श्री विदित तिवारी (नायब तहसीलदार, घोरावल), श्री ओम प्रकाश (नायब तहसीलदार, दुद्धी), श्री विनोद कुमार सोनकर (प्रधान सहायक, परिवहन विभाग) तथा श्री सुनील कुमार (एपीओ, मनरेगा) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक मामलों में नोटिसों की तामीला सुनिश्चित की जाए तथा न्यायालयों में लंबित और सुलह योग्य प्री-लिटिगेशन मामलों का अधिकाधिक संख्या में समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाए।
इसके साथ ही बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को जनपद में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस शिविर के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। विशेष रूप से निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, निर्धन वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया।
सभी विभागों को लघु जागरूकता शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिल सके। अधिकारियों को आपसी समन्वय, व्यापक जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से मेगा शिविर को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में उपस्थित सभी विभागों ने अभियान को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उक्त जानकारी श्री राहुल, सिविल जज (सी०डी०) एवं सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा प्रदान की गई।
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