सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी B N Singh ने कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन व्यवस्था के अंतर्गत सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों को संबंधित विभाग समयबद्ध और शत-प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी लोन योजना की प्रगति का विशेष रूप से परीक्षण किया। उन्होंने उपायुक्त उद्योग और एलडीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राथमिकता के आधार पर योजना के लाभार्थियों की पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र युवाओं को समय पर लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है या असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हो रहा है, उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में विकास कार्यों, लाभार्थीपरक योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति में तेजी लाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य में शिथिलता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, डीसी मनरेगा रवींद्र वीर सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए एसके राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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