Meen Sankranti 2026: 15 मार्च 2026 को मीन संक्रांति है. मीन संक्रांति वह समय होता है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन करके मीन राशि में प्रवेश करते हैं. हिंदू पंचांग में यह संक्रांति विशेष मानी जाती है क्योंकि इसके बाद सूर्य अगले चरण में मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे नए सौर वर्ष की शुरुआत होती है. मीन संक्रांति से मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं क्योंकि इसके बाद खरमास शुरू हो जाएंगे लेकिन ये दिन धार्मिक अनुष्ठान के लिए बहुत पुण्यदायी है.
मीन संक्रांति 2026 मुहूर्त
- पुण्य काल – सुबह 6.31 – दोपहर 12.30
- महापुण्य काल – सुबह 6.31 – सुबह 8.31
- मीन संक्रांति का क्षण – दोपहर 1.08
मीन संक्रांति पर शनि-शुक्र-सूर्य की युति
15 मार्च को मीन राशि में त्रिग्रही योग बनेगा. इस दिन सूर्य मीन राशि में जाएंगे, वहीं यहां पहले ही से ही शुक्र और शनि विराजमान हैं. ऐसे में कुछ राशियों को इसका विशेष लाभ मिलेगा.
मीन संक्रांति 3 राशियों के लिए शुभ
मिथुन राशि – मिथुन राशि के लिए ये संक्रांति शुभ साबित होगी. करियर लिहाज से अच्छा माना जा रहा है. व्यापारिक सौदों में आपको बड़ा मुनाफा मिल सकता है. निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के योग हैं।भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आप नई संपत्ति या वाहन खरीदने का मन बना सकते हैं.
मीन राशि में बन रही शुक्र-शनि और सूर्य की युति सिंह राशि वालों के वैवाहिक जीवन में मधुरता लाएगी. शनि की कृपा से शत्रुओं आपके कार्य में बाधा नहीं डाल पाएंगे. कोर्ट का मामला सुलझेगा. राजनीति से जुड़े लोगों को नया पद मिल सकता है.
मेष राशि – इस राशि के लोगों को नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. सरकारी नौकरी लगने के योग हैं. शुक्र की कृपा से घर में आय बढ़ेगी. परिवार में खुशियों का माहौल होगा. शनि की कृपा से मेहनत का पूरा फल मिलेगा.
मीन संक्रांति के दिन क्या करें
- पुराणों और ज्योतिष के अनुसार मीन संक्रांति का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक बताया गया है.
- इस दिन स्नान, दान, जप और तप करने से पितर, देवी-देवती, गंधर्व सभी प्रसन्न होते हैं.
- मीन संक्रांति पर दिया गया दान, कई सालों तक मानसिक और आर्थिक फल प्रदान करता है. यही वजह है कि संक्रांति वाले दिन लोग पितरों का तर्पण करने के बाद जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, गुड़, तिल, घी शुभ माना जाता है.
- गाय को चारा खिलाएं, मंत्र जाप करें.
मीन संक्रांति के बाद आएंगे ये खास पर्व
- चैत्र नवरात्रि
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा कब ? इसी दिन हनुमान जयंती, स्नान-दान और पूजा का मुहूर्त देखें
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.










