उत्तर प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एक अप्रैल से प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में नया सत्र शुरू होगा। इस बार सरकार ने स्कूल चलो अभियान को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया है। पहले यह अभियान मुख्य रूप से बेसिक शिक्षा तक सीमित था, लेकिन अब इसे माध्यमिक विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की संख्या बढ़ाना और ड्रॉपआउट की समस्या को कम करना है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार कक्षा 8 के बाद लगभग 21 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। वर्तमान में कक्षा आठ में लगभग 37 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 79 प्रतिशत छात्र ही कक्षा नौ में प्रवेश लेते हैं। इसका मतलब है कि करीब 8.17 लाख छात्र आगे की पढ़ाई से बाहर हो जाते हैं। इनमें लगभग 4.13 प्रतिशत छात्र और 4.03 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष रूप से कक्षा आठ से नौ में प्रवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
प्रदेश में इस समय कक्षा नौ से बारह तक लगभग 1.07 करोड़ छात्रों का नामांकन है। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूल चलो अभियान के माध्यम से कक्षा आठ पास करने वाले अधिक से अधिक छात्रों का कक्षा नौ में नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां नामांकन दर कम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ड्रॉप आउट होने वाले बच्चों की पहचान करें और उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रयास करें।