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1980 के दौर के वो दो सुपरस्टार जिन्हें इंडस्ट्री में हिट की गारंटी माना जाता था. दोनों ने अपने करियर के दौरान कई हिट फिल्में दी, लेकिन अपनी दोस्ती से इंडस्ट्री में मिसाल कायम की थी. इन दोनों सुपरस्टार्स की जोड़…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- विनोद खन्ना और फिरोज खान की दोस्ती मिसाल थी.
- दोनों ने कई हिट फिल्में दीं और इंडस्ट्री में जलवा बिखेरा.
- दोनों की मौत 27 अप्रैल को अलग-अलग साल में हुई.
‘मेरे अपने’, ‘दो यार’, ‘मेरे देश’, ‘हेरा फेरी’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ और ‘अमर अकबर एंथोनी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके विनोद खन्ना और अपराध व नागिन जैसी फिल्में करने वाले फिरोज खान बॉलीवुड के वो दो जिगरी दोस्त थे जो एक दूसरे पर जान छिड़कते थे. इस जोड़ी की दोस्ती की शुरुआत साल 1978 में फिल्म शंकर शंभु के सेट से हुई थी. इस फिल्म में फिरोज खान शंकर बने थे और विनोद खन्ना शंभु के रोल में दिखे थे. फिल्म में साथ काम करने के दौरान दोनों एक्टर्स की नजदीकियां बढ़ी थीं.
विनोद खन्ना और फिरोज खान एक-दूसरे पर छिड़कते थे जान
विनोद खन्ना और फिरोज खान ने एक साथ किया था काम
फिरोज खान ने जहां एक्टिंग के साथ ही फिल्म प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी किस्मत आजमाई. वहीं विनोद खन्ना अपने करियर के पीक पर एक्टिंग छोड़कर ओशो के आश्रम चले गए थे. हालांकि 1988 में फिरोज खान की फिल्म ‘दयावान’ से विनोद खन्ना ने एक्टिंग में वापसी की.
एक ही दिन पर उठा था दो दोस्तों का जनाजा
अब इसे इत्तेफाक कहें या दो दोस्तों की किस्मत की विनोद खन्ना और फिरोज खान की मौत एक ही दिन हुई थी. दोनों ने अलग-अलग साल में दुनिया को अलविदा कहा था, लेकिन उनकी मौत की तारीख एक ही थी. फिरोज खान का निधन 27 अप्रैल 2009 को कैंसर के कारण हुआ था और विनोद खन्ना का निधन भी साल 2017 में 27 अप्रैल को कैंसर के कारण ही हुआ. दोनों की ये याराना देख फिल्म इंडस्ट्री भी हैरान थी.
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