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Nanak Nam Jahaz Hai: इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर दहाड़ मार रही एनिमेटेड फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ को सिनेमाघरों में देखने के लिए लोग बाहर ही चप्पल-जूते उतार रहे हैं, लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. आज से 56 साल पहले भी एक बार ऐसा हुआ था जब 1969 में फिल्म ‘नानक नाम जहाज है’ रिलीज हुई थी.
नई दिल्ली. पिछले महीने 25 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई एक एनिमेटेड फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ ने पिछले 11 दिनों से बॉक्स ऑफिस पर कब्जा किया हुआ है. यह फिल्म लगातार अच्छी कमाई करती नजर आ रही है.

इस फिल्म की रिलीज से पहले ही मेकर्स से सभी ने अनुरोध किया था कि ‘महावतार नरसिम्हा’ देखने से पहले सभी अपने चप्पल-जूते बाहर ही उतार दें और ऐसा देखने को भी मिला. सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो वायरल हुए, जिसमें सभी लोग थिएटर्स के बाहर ही अपने चप्पल-जूते उतारकर अंदर जा रहे थे.

लेकिन, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. आज से 56 साल पहले आई एक फिल्म के साथ भी ऐसा ही हुआ था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म ‘नानक नाम जहाज है’ को भी देखने के लिए सभी लोग थिएटर्स के अंदर अपने चप्पल-जूते बाहर उतार कर जा रहे थे.

‘नानक नाम जहाज है’ एक नेशनल अवॉर्ड पाने वाली पंजाबी फिल्म थी, जिसका निर्देशन राम माहेश्वरी ने किया था और इसमें पृथ्वीराज कपूर, आईएस जौहर, विमी, निशि और वीना ने अभिनय किया था.

यह फिल्म अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में घटी एक सच्ची घटना पर आधारित थी. इस फिल्म को 1970 में पंजाबी में बेस्ट फीचर फिल्म और बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था. फिल्म की कहानी 1947 के अमृतसर में घटित एक घटना पर बेस्ड थी.

एक धर्मनिष्ठ सिख और एक बिजनेसमैन गुरमुख सिंह (पृथ्वीराज कपूर), अपनी पत्नी और छोटे भाई प्रेम के साथ रहता है. मुसीबत तब शुरू होती है जब प्रेम, रतन कौर से शादी कर लेता है, क्योंकि उसका भाई सुखा, दोनों भाइयों के बीच मतभेद पैदा करता है, जिसका असर उनके बिजनेस पर पड़ता है.

हालांकि, आने वाले सभी कठिन समयों के बावजूद, गुरमुख ने कभी विश्वास नहीं खोया और समय के साथ, उसके त्याग और कष्टों के कारण आखिरकार परिवार में सब कुछ ठीक हो जाता है और सब फिर से एक साथ अच्छे से रहने लगते हैं.

इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था और साल 2025 में इसी फिल्म को नए वर्जन के साथ फिर से बनाया गया, जिसमें युवराज हंस, दृष्टि ग्रेवाल, यामिनी मल्होत्रा, अमन धालीवाल, विंदू दारा सिंह, सरदार सोही और मुकेश ऋषि ने अहम भूमिका निभाई.