Last Updated:
South Cinema Superstar: एक्टर को उनके फैंस ‘प्रिंस ऑफ टॉलीवुड’ कहते हैं. वे 4 साल की उम्र से कैमरे का सामना कर रहे हैं. साल 2006 में आई एक फिल्म ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. आज उनकी गिनती साउथ सिनेमा के महंगे स्टार्स में होती है.
नई दिल्ली: साउथ फिल्मों के सुपरस्टार को ‘प्रिंस ऑफ टॉलीवुड’ भी कहा जाता है. वह साउथ सिनेमा के सबसे चमकते सितारों में से एक हैं. उनकी शानदार अभिनय क्षमता, आकर्षक शख्सियत और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया है. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

हम महेश बाबू की बात कर रहे हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं, चाहे वह एक्शन से भरपूर फिल्में हों या इमोशनल ड्रामा. उनकी फिल्में मुरारी, अथाडु, पोकिरी ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि उनके टैलेंट से भी रूबरू करवाया. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

महेश बाबू के फैंस उनके स्टाइल, डायलॉग डिलीवरी और सादगी की तारीफ करते नहीं थकते. इसके अलावा, उनकी प्रोडक्शन कंपनी भी कला के क्षेत्र में नए कलाकारों को मंच प्रदान कर रही है. 9 अगस्त 1975 को तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे महेश बाबू तेलुगु फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेता हैं. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

महेश बाबू ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत महज चार साल में ही कर ली थी. उन्होंने आधा दर्जन से ज्यादा फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया. वह मशहूर तेलुगु अभिनेता कृष्णा घट्टामनेनी के बेटे हैं. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

महेश बाबू ने बतौर लीड एक्टर साल 1999 में फिल्म राजाकुमारुडु से शुरुआत की थी. इस फिल्म की सफलता ने उन्हें प्रिंस की उपाधि दिलाई और उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू के लिए नंदी अवॉर्ड भी मिला. यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

महेश बाबू ने अपने करियर में मुरारी (2001), ओक्कडु (2003), अथाडु (2005) और पोकिरी (2006) जैसी फिल्मों के साथ तेलुगु सिनेमा में अपनी धाक जमाई. खास तौर पर ‘पोकिरी’ उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बनी और इसने उन्हें सुपरस्टार का दर्जा दिलाया. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

सुपरस्टार महेश बाबू को उनकी फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जिसमें नंदी पुरस्कार, फिल्मफेयर साउथ पुरस्कार, साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड्स शामिल हैं. वह फिल्मों में जितने सुलझे हुए एक्टर हैं, उतना ही वह सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. महेश बाबू फाउंडेशन के जरिए बच्चों को चिकित्सा सुविधा दी जा रही है.(फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)

महेश बाबू के निजी जीवन की बात करें तो उनकी नम्रता शिरोडकर के साथ मुलाकात साल 2000 में फिल्म ‘वामसी’ के सेट पर हुई थी. दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उन्होंने फरवरी 2005 में शादी कर ली. नम्रता और महेश के दो बच्चे हैं. बेटे का नाम गौतम घट्टामनेनी और बेटी का नाम सितारा घट्टामनेनी है. (फोटो साभार: Instagram@urstrulymahesh)
![]()










