Rakhi 2025 Rules: रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा और आशीर्वाद का प्रतीक होता है.
ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से राखी बांधने के साथ-साथ उसे सही समय और तरीके से उतारना भी महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि सही विधि से राखी उतारने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और भाई पर हमेशा बहन का आशीर्वाद बना रहता है.
राखी उतारने के नियम
- राखी को रक्षाबंधन के कम से कम 3 दिन बाद उतारना शुभ माना जाता है.
- इसे उतारने का सबसे अच्छा समय शुभ मुहूर्त या प्रातःकाल होता है.
- राखी उतारते समय भगवान विष्णु या भगवान गणेश का स्मरण करें.
- उतारी हुई राखी को किसी पवित्र नदी, बहते पानी या पीपल के पेड़ के पास रख दें.
- राखी को कभी भी कूड़े में न फेंकें, यह अशुभ माना जाता है.
- यदि संभव हो तो राखी उतारने के दिन गरीबों को भोजन या वस्त्र दान करें.
- राखी को संभालकर रखना चाहें तो पूजा स्थान पर भी रख सकते हैं, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
रक्षाबंधन के बाद राखी को फेंके नहीं
हममें से कई लोग राखी उतारकर इधर-उधर फेंक देते हैं लेकिन ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता है. रक्षाबंधन खत्म होने के बाद राखी को सही नियम के साथ कलाई से उतारना चाहिए.
दरअसल राखी को उतारने के बाद साबुत राखी को लाल कपड़े में बांधकर ऐसे स्थान पर रख दें, जहां घर की जरूरी वस्तुएं रखी जाती हो. इसे अगले साल के रक्षाबंधन तक सुरक्षित रखें और फिर किसी भी बहते हुए जल में प्रभाव कर दें.
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