विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट-2047 (विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश) पर चर्चा की शुरुआत हुई। संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने एक शेर पढ़कर चर्चा का प्रस्ताव सदन में रखा, ‘बड़ी मुश्किल से कोई सुबह मुस्कराती है, गम की रात दबे पांव चली आती है, वक्त लगता ही नहीं जिंदगी बदलने में, पर वक्त को बदलने में जिंदगी लग जाती है।’ उन्होंने कहा कि बिना चिंतन और विचार के कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिलती है। विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर यूपी को देश का सबसे विकसित राज्य बनाना है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने आर्थिक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 29.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, चालू वित्तीय वर्ष में इसे 35 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश को सबसे विकसित राज्य बनाने के लिए जीरो पॉवर्टी, सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्पेस टेक्नोलॉजी और आईटी हब स्थापित करने की योजना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
नदियों के चैनलाइजेशन, सौर ऊर्जा पर शोध और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थायी सुरक्षा को मजबूत करने की योजनाएं है। कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और बेहतर बीजों के लिए शोध को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसानों को तकनीकी ज्ञान और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल सके। कर चोरी रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने, बच्चों में कर्तव्य बोध और देशभक्ति की भावना को प्रबल करने और योग के माध्यम से निरोग जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रदेश को गरीबी मुक्त करने का लक्ष्य है।