सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में आज भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने श्रमिकों के पंजीकरण और उन्हें संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उप श्रमायुक्त पिपरी को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे सभी निर्माण श्रमिक जो 18 से 60 वर्ष की आयु के हैं और पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिनों तक निर्माण कार्य कर चुके हैं, उनका पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इसके लिए कैम्पों का आयोजन और व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रमिक अपना पंजीकरण जनसेवा केंद्र/सहज जनसेवा केंद्र के माध्यम से करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और 90 दिन कार्य करने का स्वघोषणा पत्र आवश्यक होगा। श्रमिकों को नवीनीकरण और योजनाओं में आवेदन की सुविधा भी इन्हीं केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध होगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण या योजनाओं के लाभ के लिए किसी भी व्यक्ति/दलाल को पैसा न दें।
बैठक में श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, पेंशन योजना आदि शामिल हैं। योजनाओं के अंतर्गत
महिला श्रमिक को संस्थागत प्रसव पर तीन माह का न्यूनतम वेतन एवं 1000 रुपये चिकित्सा बोनस,
पुरुष श्रमिक की पत्नी के प्रसव पर 6000 रुपये एकमुश्त,
शिशु के जन्म पर लड़के के लिए 20 हजार तथा लड़की के लिए 25 हजार रुपये,
पहली बालिका पर 25 हजार और पहली दिव्यांग बालिका पर 50 हजार रुपये की एफडी,
शिक्षा प्रोत्साहन हेतु हाईस्कूल/इंटरमीडिएट में 70% अंक पाने पर बालक को 5 हजार और बालिका को 8 हजार रुपये,
स्नातक/स्नातकोत्तर में 60% अंक प्राप्त करने पर 12 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान,
कन्या विवाह सहायता योजना में 55 हजार रुपये, अंतर्जातीय विवाह पर 61 हजार रुपये तथा सामूहिक विवाह में 65 हजार रुपये का अनुदान शामिल है।
इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारियों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति तथा पेंशन योजना में 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पंजीकृत श्रमिक को 1000 रुपये प्रतिमाह आजीवन पेंशन और प्रत्येक दो वर्ष में 50 रुपये की वृद्धि की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि राजमिस्त्री, बढ़ई, लोहार, वेल्डिंग, पुताई, पॉलिश, प्लम्बिंग, खनिकर्म, मशीनरी स्थापना, पुल/सड़क/भवन निर्माण, ईंट-भट्ठा, सुरक्षा गार्ड, आंतरिक सज्जा सहित अनेक कार्यों से जुड़े श्रमिक इन योजनाओं के पात्र अभ्यर्थी हैं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, उप श्रमायुक्त पिपरी, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी विद्या देवी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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