महेंद्र गौतम से मेरी बहन प्रियंका उर्फ गुड़िया की शादी 22 जून 2007 में हुई थी। तब वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे परीक्षा में भी बैठे थे। छह साल में दो बार उन्होंने परीक्षा दी थी। दो से तीन बार अटेंप्ट भी क्लियर किए। इसके बाद बात नहीं बनी तो परिवार के समझाने पर खुद का बिजनेस करने की ठानी और प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे यह काम पटरी पर आया तो कॉलोनाइजर बन गए। इस धंधे में भी सिविल सर्विसेज की जानकारी इनके बहुत काम आई। वे बहुत ही व्यावहारिक थे। यही कारण था कि उन्हें आगे बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सभी लोग उनका साथ देते थे, क्योंकि वे साफ बात करते थे, जो सबको पसंद आती थी।

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सारनाथ थाने पर माैजूद भीड़।
– फोटो : अमर उजाला
यह कहना है कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम के साले पुष्पेंदु गौतम का। महेंद्र की हत्या की सूचना उन्हें गुरुवार को सुबह करीब साढ़े 9 बजे उनकी बहन प्रियंका ने दी थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से पहली फ्लाइट पकड़ी और बनारस अपनी बहन के घर चले आए। सिंहपुर स्थित आवास पर अपने भाई को देख बहन के साथ भांजा नलिन, भांजी रिदि्धमा और रिम्मी सभी फफक पड़े।

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सारनाथ थाने में महेंद्र का साला पुष्पेंदु।
– फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत पुष्पेंदु ने सभी को ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी महेंद्र के कर्मचारियों से प्राप्त की। उनके पुराने कर्मचारी प्रेमनाथ यादव ने बताया कि क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी फेस दो में 21 अगस्त की सुबह करीब आठ बजे कॉलोनाइजर महेंद्र की बाइक सवार तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी। महेंद्र की लाश को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच सरायमोहना घाट पर बौद्ध धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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पति की हालत देख सन्न रह गई पत्नी गुड़िया।
– फोटो : अमर उजाला
गुत्थी सुलझाने में जुटीं कमिश्नरेट पुलिस की 10 टीमें, 2000 कैमरे खंगाले
सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के बाद बदमाश रिंग रोड से होकर हरहुआ से बड़ागांव और जौनपुर की ओर भागे थे। हत्याकांड को सुलझाने के लिए कमिश्नरेट के दो इंस्पेक्टर सहित पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं।

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स्पाॅट पर पुलिस और भीड़।
– फोटो : अमर उजाला
सारनाथ में दो कीमती जमीन विवाद को ही मुख्य केंद्र मानकर पुलिस की टीमें तफ्तीश कर रही हैं। 2000 से ज्यादा सीसी कैमरे खंगाले जा चुके हैं। अब कॉलोनाइजर की जमीन खरीद फरोख्त से संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। रजिस्ट्री कार्यालय से दसतावेज निकलवाए जा रहे हैं।
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