नई दिल्ली (Murli Dhar Sharma IPS Story). आईएएस और आईपीएस जैसे बड़े अफसर अक्सर अपनी सख्त छवि और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए जाने जाते हैं. लोग उन्हें केवल खाकी वर्दी और सख्त कानून-व्यवस्था से जोड़कर देखते हैं. लेकिन कुछ अफसर अपनी जिम्मेदारियों के साथ ही अपनी रुचियों और जुनून को भी जिंदा रखते हैं. इन्हीं में से एक नाम है मुरलीधर शर्मा का, जो न सिर्फ एक सीनियर आईपीएस अफसर हैं, बल्कि शायरी और गीत लेखन की दुनिया में भी अपनी खास पहचान बना चुके हैं.
हरियाणा के छोटे कस्बे से निकलकर जेएनयू तक पहुंचना,
UPSC परीक्षा क्लियर कर आईपीएस बनना और फिर फिल्म इंडस्ट्री में गाना लिखना- उनकी यह यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती है. बंगाली फिल्म Mrigaya – The Hunt के लिए हिंदी गाना Shor Machaa लिखकर वे सुर्खियों में छा गए थे. इस आइटम सॉन्ग को सुनिधि चौहान ने गाया और राणा मजूमदार ने कंपोज किया था. मुरलीधर शर्मा को साहित्य जगत में ‘Talib’ नाम से भी जाना जाता है. वे उर्दू और बांग्ला भाषा पर गजब की पकड़ रखते हैं.
आईपीएस मुरलीधर शर्मा बायोग्राफी
पश्चिम बंगाल पुलिस के आईजी मुरलीधर शर्मा की कहानी बहुत अनोखी है. हरियाणा से निकले इस अफसर ने न सिर्फ UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की, बल्कि एक बंगाली फिल्म के लिए हिंदी गाना लिखकर सबका ध्यान भी खींचा. आईपीएस मुरलीधर शर्मा हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और बांग्ला जैसी भाषाएं पर मजबूत पकड़ रखते हैं.
अफसर से गीतकार तक का सफर
मुरलीधर शर्मा उर्फ ‘Talib’ (उनका साहित्यिक उपनाम) की बचपन से ही साहित्य में गहरी रुचि थी. उर्दू और बांग्ला भाषा पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि वे ग़ज़लें और शायरी लिखते रहे हैं. इसी रुचि ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से भी जोड़ दिया. उन्होंने बंगाली फिल्म Mrigaya – The Hunt के लिए एक हिंदी आइटम नंबर Shor Machaa लिखा, जिसे मशहूर गायिका सुनीधी चौहान ने गाया और संगीतकार राणा मजूमदार ने कंपोज किया. यह गाना रिलीज होते ही सुर्खियों में आ गया था.
हरियाणा से जेएनयू तक का सफर
आईपीएस मुरलीधर शर्मा का जन्म हरियाणा के मंडी आदमपुर, हिसार में हुआ था. ips.gov.in पर दर्ज डिटेल के मुताबिक, उनकी जन्मतिथि 20 जुलाई 1977 है. इस हिसाब से उनकी उम्र 48 वर्ष है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई हरियाणा से की थी. इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से पीजी कोर्स किया. उनके कदम वहीं तक नहीं थमे. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से राजनीति विज्ञान में एमफिल (M.Phil.) की डिग्री हासिल की.
2005 में बने आईपीएस अधिकारी
सिविल सेवा परीक्षा पास करना किसी भी युवा का सपना होता है. इसे दुनिया की दूसरी सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है. मुरलीधर शर्मा ने अपनी मेहनत से यह सपना सच किया. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2004 पास कर वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चुने गए. मुरलीधर शर्मा 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. यह उपलब्धि उनके जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुई. पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी बनकर उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया.
आईपीएस मुरलीधर शर्मा पोस्टिंग
आईपीएस मुरलीधर शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एसपी के तौर पर की थी. इसके बाद वे कोलकाता पुलिस में डीसीपी (साउथ) और बाद में डीसीपी (स्पेशल टास्क फोर्स) जैसे जिम्मेदार पदों पर रहे. उनकी पहचान एक सख्त, ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में है. फिलहाल वे वेस्ट बंगाल पुलिस में आईजी के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने जिस फिल्म के लिए आइटम सॉन्ग लिखा, उसमें अपराध, पुलिस और रोमांच पर आधारित कहानी दिखाई गई है.
‘Talib’ नाम से शायरी और ग़ज़ल
साहित्यिक दुनिया में लोग मुरलीधर शर्मा को ‘Talib’ नाम से जानते हैं. उनकी कई शायरी और ग़ज़लें उर्दू पत्रिकाओं और मंचों पर पढ़ी जा चुकी हैं. उर्दू और बांग्ला पर उनकी पकड़ और हिंदी के सहज एक्सप्रेशन ने उन्हें एक अलग पहचान दी. मुरलीधर शर्मा ने साबित कर दिया कि जिंदगी में कभी भी अपने शौक और पैशन को किनारे नहीं करना चाहिए. उनकी सक्सेस स्टोरी से सीख मिलती है कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करने के बाद भी आर्ट और क्रिएटिविटी को जी सकते हैं.