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Bollywood Cult Classic Movie : हर ब्लॉकबस्टर फिल्मों के टाइटल और निर्माण की कहानी दिलचस्प होती है. 15 साल पहले 2009 में एक ऐसी फिल्म पर्दे पर आई थी जिसने लोगों के दिमाग को झकझोर कर रख दिया था. भारत के हायर एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े किए. फिल्म ने प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर दिया. हर इंसान के अंदर छिपी उसकी असली प्रतिभा को पहचानने का संदेश दिया. यह भारत की पहली ऐसी मूवी है जिसने डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस में 200 करोड़ का कलेक्शन किया था. इस ब्लॉकबस्टर मूवी का टाइटल बॉलीवुड के एक सुपरस्टार ने दिया था. आज यह मूवी कल्ट क्लासिक मानी जाती है.
2009 का साल विदा लेने वाला था. 25 दिसंबर 2009 में एक ऐसी मूवी जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. यह पहली ऐसी बॉलीवुड मूवी थी जिसने भारत के अंदर 200 करोड़ का कारोबार किया था. फिल्म का नाम था : 3 इडियट्स. यह फिल्म आज भी हर जनरेशन की पहली पसंद है. फिल्म यह इंजीनियरिंग कॉलेज पर बेस्ड थी. मूवी में आमिर खान, आर. माधवन, शरमन जोशी, करीना कपूर, बोमन ईरानी और ओमन वैद्य लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म का डायरेक्शन राजकुमार हिरानी ने जबकि प्रोड्यूस विधु विनोद चोपड़ा ने किया था. राजकुमार हिरानी इससे पहले मुन्ना भाई एमबीबीएस और लगे रहे मुन्ना भाई जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का निर्देशन कर चुके थे.

फिल्म को अमिजात जोशी, राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा ने लिखा था. म्यूजिक शांतनु मोइत्रा ने दिया था. फिल्म में कुल 7 गाने रखे गए थे. फिल्म का बजट 77 करोड़ रुपये का रखा गया था. फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 350 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह हिंदी सिनेमा की एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म मानी जाती है. थ्री इडियट्स 2009 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.

फिल्म का टाइटल आमिर खान ने सुझाया था. दरअसल राजकुमार हिरानी फिल्म का टाइटल ‘इडियट्स’ रखना चाहते थे लेकिन यह दीपक शिवदसानी पहले से ही रजिस्टर्ड कराए हुए थे. प्रोड्यूसर्स ने कई बार उनसे ‘टाइटल’ छोड़ने का अनुरोध किया लेकिन वो तैयार नहीं हुए. इसके भारी रकम मांग रहे थे. ऐसे में आमिर खान ने मूवी का शीर्षक ‘3 इडियट्स’ रखने का सुझाव दिया. हालांकि बाद में शिवदसानी ने इडियट्स टाइटल देने का ऑफर दिया लेकिन आमिर के सुझाव पर फिल्म का नाम 3 इडियट्स ही रखा गया. यह नाम ब्रांड बन गया.

एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था, ‘राजकुमार हिरानी ने फिल्म के ड्राफ्ट में रैचों के कैरेक्टर को काफी हीरोइज्म तरीके से लिखा था. ओरिजनल स्क्रिप्ट में रैंचो का कैरेक्टर ओवर कॉन्फिडेंट था. वो सारी चीजें सही करता था. वो हर सिएचुशन को हैंडल कर सकता था. मैंने राजू को बताया कि ये कैरेक्टर बहुत ज्यादा स्मार्ट हो रहा है. हर चीज सही कर रहा है. इसका एटिट्यूड है कि मैं सबको दिखा दूंगा. ये मुझे एटिट्यूड ठीक नहीं लगा. मुझे किसी को नीचा नहीं दिखाना, इसलिए कैरेक्टर में बदलाव किए गए, स्क्रिप्ट में बदलाव किया गया. फिर उस कैरेक्टर को क्यूरियस बनाया गया. वो हर सवाल का जवाब मासूमियत से जानना चाहता है.’

रैंचों के किरदार को लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक से भी प्रेरित बताया जाता है. वांगचुक लेह के फ्यांग गांव के रहने वाले हैं और आईआईटियन हैं. 3 इडियट्स मूवी की कहानी वांगचुक की संस्था की ओर से चलाए जा रहे स्कूल से काफी मिलती जुलती है. कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर अमिताभ बच्चन के सवाल पर उन्होंने कहा था, ‘जहां तक आमिर खान के फुंसुक वांगडू किरदार के मुझसे प्रभावित होने का सवाल है तो मैं इससे इनकार नहीं करूंगा. फिल्म की कहानी मुझ पर बेस्ड है, ऐसा मैं नहीं मानता. मैं यह भी नहीं चाहता कि लोग किसी के काम को तभी पहचाने जब वह किसी फिल्म से जुड़ा हो. अगर ऐसा है तो मुझे गर्व नहीं, अगर ऐसा न हो तो मुझे पछतावा नहीं.’

‘3 इडियट्स’ में नजर आए आमिर खान, आर. माधवन और शरमन जोशी की तिकड़ी इससे पहले 2006 में आई फिल्म ‘रंग दे बसंती’ में भी नजर आई थी. शुरुआत में रैंचो का किरदार शाहरुख खान को ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था. फिल्म की शूटिंग भी उल्टे क्रम में हुई थी. पहले फिल्म का क्लाइमैक्स शूट हुआ था, फिर कॉलेज के सीन फिल्माए गए थे.

फिल्म का सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि आमिर खान ने इस फिल्म के लिए 8 किलो वजन कम किया था. इससे पहले उनकी गजनी फिल्म आई थी. आमिर खान उस समय 44 साल के थे लेकिन उन्होंने एक इंजीनियरिंग स्टूडेंड का रोल निभाकर सबको हैरत में डाल दिया था. वायरस का किरदार निभाने वाले बोमन ईरानी उनसे सिर्फ 6 साल बड़े थे. आमिर खान पूरी फिल्म में एक भी फ्रेम में सीधे खड़े नहीं रहे. वो हमेशा कुछ न कुछ एक्शन करते रहे. उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वह युवा लगे. नई जनरेशन को लुभा सके. उन्होंने अपने भतीजे को देखकर यह रणनीति अपनाई थी.
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