छात्रा की फाइल फोटो, बिलखते पिता
– फोटो : अमर उजाला
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हमार चिरइया उड़ि गई अब हम कइसे जियब…हमका हर हाल मा इंसाफ चाही। फूल से बच्ची का स्कूल वाले छीन लिहनिन। अपनी बिटिया के दोषी का कतई न छोड़ब। जइके लिए दिन रात मेहनत करिके दिन-रात पढ़ा रही राहिन उई हम सबका धोखा देकर चली गई। अंतिम संस्कार करे के बाद काकादेव थाना जाकर तहरीर देबे। ये शब्द फूट-फूटकर बिलखते मुकुल आनंद के हैं जिनकी बेटी संस्कृति ने गोल चौराहे के पास ट्रेन से कटकर जान दी थी।
सोमवार को दिलदहला देने वाली घटना के बाद मंगलवार सुबह संस्कृति का पोस्टमॉर्टम किया गया। अधिक रक्तस्त्राव मौत का कारण निकला है। दोपहर 12 बजे परिजन शव लेकर निकले तो छात्रा की दादी अनीता और मामी शव से लिपटकर रोने बिलखने लगे।
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