इस टाइम यूट्यूब से लेकर इंटरनेट की दुनिया में एक गाना खूब धूम मचा रहा है. जिसका नाम है ‘दैट गर्ल’. इस गाने को पंजाब के मोगा की रहने वाली 19 साल की लड़की परमजीत कौर ने गाया है. जिस मजबूती और ठेठ अंदाज के साथ उन्होंने रैप किया है, इसे देख पूरा पंजाब छाती ठोक रहा है. सब उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. हफ्तेभर पहले ये गाना रिलीज हुआ जिसे लोगों ने इतना पसंद किया कि लाखों व्यूज आ चुके हैं. इंडस्ट्री के लोग भी परम की खूब तारीफ कर रहे हैं. चलिए परम के सुपरहिट हो चुके गाने ‘दैट गर्ल’ लिरिक्स और मतलब समझाते हैं.
वे मैं अड्डी ना पतासे जावां भोर दी
गल्ल चारे पासे हुंदी मेरी तोर दी
अख तकदी न किसे नू एह् घूरदी
मेरी चुप्पी वी जापदी डूंगे शोर जई
मीनिंग – मैं पूरे आत्मविश्वास से चलती हूं, चारों तरफ मेरी चाल की बात होती है. मेरा आंख किसी को देखती नहीं और न ही घूरती है. मेरी चुप्पी किसी गहरे शोर से कम नहीं है.
वे जा तेरे वस दी नी गल्ल
मेरे रूट छड्ड दे ते
किसे होर दा राह मल्ल
सिद्दी तीर वरगी आ
पुट्ठी ज़रा ना मैं गल्ल
हत्थ आज वी न आवां
ना ही औना तेरे कल
मीनिंग – जा कहीं और जाकर ट्राई कर, क्योंकि मैं तेरे वश से बाहर की बात हूं. मैं सीधी बात करती हूं. आज भी तेरे हाथ नहीं आउंगी, कल भी नहीं आउंगी.
वे तू समझी न मैनू किसे होर जई
मेरे बैग च ग्लॉक रहंदा
ओ वी पूरा लोड
उत्तों अख वी रखी आ 12 बोर जई
वे मैं अड्डी ना पतासे जावां भोर दी
मीनिंग – मुझे किसी और जैसा मत समझना. मेरे बैग में ग्लॉक पिस्टल रहता है और वो भी लोडेड. ऊपर से मेरी आंख भी 12 बोर बंदूक जैसी है.
निक्की हुंदी तो आ शौक वे दुनाली दा
धौण चक जावे जेहड़ा मुहरे ला लई दा
पैरी कसूरी जुत्ती अखां उते शेड गुच्ची
जाणा सारियां पुगाणियां गरारियां
मीनिंग – जब मैं छोटी थी, तभी से दुनाली का शौक था. हमारे सामने कोई सिर उठाए तो उसे दौड़ा लेते हैं. पैर में कसूरी (पाकिस्तान का एक जगह है कसूर, जहां की जूती बहुत फेमस है) जूती है, मगर आंखों पर गुच्ची के शेड हैं. मुझे हर तरह की गरारी (गाने में लगाई जाने वाली गरारियां) लगानी आती है.
वे जा वाधू गल्लां ना मैं मारां
जट्टी कली ही बथेरी ना ही चाहिदा सहारा
मैं सुन्या तू शहर विच करदा खड़ाके
मैं वी वीकेंड सारा शूट रेंज ते गुजारां
मीनिंग – मैं फालतू बात नहीं करती. मैं अकेली ही काफी हूं, किसी का सहारा नहीं चाहिए. मैंने सुना है कि तू शहर में गोलियां चलाता है, मैं भी अपना वीकेंड शूटिंग रेंज पर ही बिताती हूं.
मुंह दी मिट्ठी होके चल्लां मैंनू लोड नई
वे मैं अनख आ पाली जोहणे मोड़ जई
बनी 25 पिंड रेपो तैनू वेल ना स्नैपो
मेरे फोन उत्तो लैंदा जहाज मोड़ नईं
मीनिंग – मुझे मुंह की मीठी बनने की जरूरत नहीं. मेरा गुरुर जोहणा मोड़ (ऐताहासिक किरदार है) जैसा है. मेरी 25 गांव में बढ़िया रेपो है, मगर तुम्हें स्नैप डालने से भी फुरसत नहीं.
दूर दबका आ बोल नहीं सहारी दा
मैं तां कर दां शिकार वी शिकारी दा
कदे आजी टाइम लैके वे मैं कर दूं इलाज
बहोती सिर नूं जो चड़ी हुई खुमारी दा
मीनिंग – मेरा दबका दूर तर चलता है. मैं किसी की फालबू बात सहन नहीं करती. मैं तो शिकारी का भी शिकार कर सकती हूं. तेरे सिर पर जो खुमार चढ़ा है, कभी आ जाना, उसका भी इलाज कर दूंगी.
जट्टी शहर लुआंदी जाम तेरे
एक्सपेंस मेरे नहीं आम
जिथे जावां वैर कमावां
टाउन दे राजे करां गुलाम
मीनिंग – मेरे आने पर तेरे शहर में जाम लग जाता है. मेरे खर्चे बहुत हैं. जहां भी जाती हूं, वहां बैर कमाती हूं. तेरे शहर के राजा भी मेरे गुलाम हैं.
मेरे दिल ते लगा ए कोई डोर नईं
ऐना प्यारा व्यारा विच कोई स्कोर नईं
गड्डां सीनेआं च किल
वे मैं उड्डां वांग एल्ल
जम्मी मालवे जिथों ता कोई तोड़ नईं
मीनिंग – मेरे दिल पर कोई दरवाजा नहीं लगा है कि कोई भी नॉक कर ले. प्यार-व्यार के चक्कर में नहीं हूं. सीने में कील गाड़ने का काम है मेरा. मैं चील की तरह ऊंचाई पर उड़ती हूं. मैं मालवा में पैदा हुई हूं, जहां का कोई मुकाबला नहीं.










