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यह कहानी है बॉलीवुड की उस हीरोइन की जिसका नाम लेकर कभी रेखा ने जीतेंद्र को चिढ़ाया था. एक्ट्रेस का बॉलीवुड में डेब्यू फ्लॉप रहा था. नसीब में सफलता लिखी तो एक्ट्रेस ने नए सिरे से मेहनत की. 1982 में एक ऐसी फिल्म आई, जिसने उसे रातोंरात स्टार बना दिया. आगे चलकर यही एक्ट्रेस बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार बनी. हीरो से ज्यादा फीस लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया.
तमिल सिनेमा में अपने नाम का सिक्का जमाने के बाद श्रीदेवी ने 1979 में आई फिल्म सोलहवां सावन से बॉलीवुड में डेब्यू किया. उनकी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. सदमा, हिम्मतवाला और नागिन जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों को दीवाना बना लिया. श्रीदेवी एक्टिंग में बहुत माहिर थीं लेकिन हिंदी डायलॉग नहीं बोल पाती थीं. शुरू में उनकी हिंदी फिल्मों को डब किया जाता था. 1986 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘आखिरी रास्ता’ को रेखा ने श्रीदेवी के लिए आवाज दी थी. श्रीदेवी ने 1989 में आई यश चोपड़ा की फिल्म ‘चांदनी’ में पहली बार अपनी ओरिजनल आवाज दी.

श्रीदेवी की बॉलीवुड में एंट्री बहुत मुश्किल से हुई थी. वेटरन एक्टर जीतेंद्र ने इस बारे में अपने एक इंटरव्यू में बताया था. एक्टर ने बताया, ‘श्रीदेवी तेलुगू सिनेमा में बहुत पॉप्युलर थीं. सोलहवां सावन फ्लॉप होने के बाद सामने बहुत बड़ी चुनौती थी. मैंने उस जमाने में 1982 में एक फिल्म प्रोड्यूस की थी जिसका नाम दीदार-ए-यार था, वो मेरे लिए बहुत बड़ा सेटबैक थी. हिम्मतवाला मूवी ने हम दोनों को संभाला.’

श्रीदेवी को याद करते हुए जीतेंद्र ने आगे कहा, ‘उनकी सबसे बड़ी खासियत यही थी कि वो जिस हीरो के साथ कम करती थी, वही हिट हो जाती थी. मैं साउथ की फिल्में किया करता था. उसमें वो हीरोइन हुआ करती थी. मैंने साउथ में उनके साथ बहुत काम किया था. श्रीदेवी बहुत ही इंट्रोवर्ट थीं. वह बहुत जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं. अपने फैमिली मेंबर्स के साथ ही बैठती थीं. जब वह शॉट देने आती थीं तो उनका पहला रिहर्सल और टेक एक जैसा होता था.’

श्रीदेवी के हिम्मतवाला फिल्म में लिए जाने की कहानी भी दिलचस्प है. जीतेंद्र ने द कपिल शर्मा शो में बताया था, ‘एक दिन रेखा मुझे बहुत छेड़ रही थी. वो मुझे रवि बुलाती है, मेरे नाम से. रविया-रविया! श्रीदेवी की तेलुगू पिक्चर देख रहे थे. तू इसके साथ काम करले, तू इसके साथ पिक्चर कर ले. जब प्रोड्यूसर राघवेंद्र राव ने उसके नाकम का जिक्र किया तो मैंने हामी भर दी. हालांकि श्रीदेवी ने आमोल पालेकर के साथ बॉलीवुड फिल्म की थी लेकिन पिक्चर चली नहीं. जिस हीरोइन की पिक्चर ना चली हो उसको लेने में लोग हिचकिचाते हैं. तेलुगू में हिम्मतवाला पिक्चर जयाप्रदा ने की थी. डेंजर दोनों तरफ था. चूंकि रेखा मुझे चिढ़ा रही थी, तो मैंने प्रोड्यूसर से कहा कि चलो श्रीदेवी को ही ले लेते हैं.इस तरह से श्रीदेवी को हिम्मतवाला फिल्म मिली.’

<br />श्रीदेवी और जयाप्रदा के बीच 36 का आंकड़ा था. दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं होती थी. एक बार राजेश खन्ना और जीतेंद्र ने दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया. दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए जयाप्रदा ने कहा था, ‘मकसद मूवी का किस्सा है. राजेश खन्ना और जीतेंद्र ने हम दोनों को लंच टाइम पर एक कमरे में एक घंटे के लिए बंद कर दिया था. उन्होंने सोचा था कि कम से कम एकदूसरे से जरूरत हो तो बात कर सकते हैं. आपस में एक बातचीत का माहौल बन जाए लेकिन उस तरफ श्रीदेवी बैठी थीं और मैं दूसरी तरफ बैठी थी. जीतू जी परेशान हो गए. फिर उन्होंने दरवाजा खोला और पूछा कि बताओ क्या हुआ? मैंने कहा कुछ नहीं. श्रीदेवी हंसकर चली गईं और मैं भी चली गई.’

मिथुन और श्रीदेवी की सीक्रेट मैरिज ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बंटोरी थी. हालांकि इस खबर की कभी पुष्टि नहीं हुई. 1984 में आई फिल्म ‘जाग उठा इंसान’ के सेट पर दोनों की पहली मुलाकात हुई थी. मिथुन शादीशुदा थे और दो बच्चे के पिता थे. मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता गया. 1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में बोनी कपूर ने श्रीदेवी को साइन किया था. कहा जाता है कि दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं तो मिथुन ने एक्ट्रेस को बोनी कपूर को राखी बांधने के लिए मजबूर कर दिया था.

जब अफेयर की खबर मिथुन की पत्नी योगिता बाली को हुई तो उन्होंने जमकर हंगामा काटा और अंजाम भुगतने की चेतावनी दे डाली. इससे मिथुन घबरा गए. उधर, श्रीदेवी के परिवार के करीब बोनी कपूर और आते गए. श्रीदेवी की मां की तबीयत खराब रहने लगी. ऐसे समय में बोनी कपूर ने उनका बहुत साथ दिया. श्रीदेवी का उनके प्रति आकर्षण और भरोसा बढ़ता गया. 2 जून 1996 को श्रीदेवी ने बोनी कपूर से शादी कर ली.

<br />श्रीदेवी हीरो से ज्यादा फीस लेती थीं. खुदा गवाह में उन्हें अमिताभ बच्चन से ज्यादा फीस दी गई थी. फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने हाल ही में एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उनकी पहली पत्नी मोना ने ही उनकी दूसरी शादी के लिए अंगूठी खरीदी थी. बकौल बोनी कपूर, ‘मैंने अपनी पहली पत्नी मोना को सब बता दिया था. उसने ही हम दोनों के लिए अंगूठी खरीदी थी. उन्होंने मेरे और श्री के बच्चों को बिना किसी नफरत के पाला. मेरे चारों बच्चे साथ हैं, इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं.’
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