रोहित की कप्तानी में भारत की सुनहरी कहानी
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले तीन वर्षों में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने लायक उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी अगुवाई में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इसके अलावा 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम ने फाइनल तक शानदार अपराजित सफर तय किया, जहां बस एक मैच की दूरी रह गई थी ट्रॉफी से। भारत ने इन तीनों बैक टू बैक आईसीसी टूर्नामेंट्स में सिर्फ एक मैच गंवाया और वह रहा 2023 वनडे विश्व कप का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल। आंकड़ों की बात करें तो रोहित ने 56 वनडे मैचों में से 42 में जीत हासिल की। यानी लगभग 76 प्रतिशत का जीत प्रतिशत, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन में गिना जाता है।
‘टीम को बेहतर स्थिति में छोड़ा’
दिनेश कार्तिक ने आगे लिखा, ‘2024 टी20 वर्ल्ड कप अभियान अपराजित, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपराजित, 2023 में बस एक फाइनल चूके। यह अपने आप में अविश्वसनीय है। आपने टीम को सिखाया और अब इसका परिणाम देखिए। इसके बाद एशिया कप में युवा टीम ने बिना कोई मैच हारे टूर्नामेंट जीता। यही आपकी पहचान है। आपके आने से पहले टीम जिस स्थिति में थी, आपने टीम इंडिया को उससे बेहतर स्थिति में छोड़ा है। यही एक सच्चे लीडर की पहचान होती है।’ कार्तिक ने रोहित के नेतृत्व को सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि उनकी सोच और आत्मविश्वास से मापा। उन्होंने कहा कि रोहित ने टीम को आक्रामकता, आत्मविश्वास और एकता की नई परिभाषा दी।
नई राह, नई जिम्मेदारी- गिल के कंधों पर भविष्य
अब बारी युवा शुभमन गिल की है, जिन्हें वनडे कप्तान बनाकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भविष्य की रूपरेखा तय कर दी है। हालांकि, रोहित शर्मा और विराट कोहली आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में तो हैं, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अगरकर ने भी यह भी कहा है कि दोनों 2027 विश्व कप खेलने को लेकर प्रतिबद्ध नहीं हैं। ऐसे में फैंस यह भी कयास लगा रहे हैं कि हो सकता है दोनों दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में संन्यास का एलान कर दें। रोहित की विरासत सिर्फ ट्रॉफियों या जीत प्रतिशत में नहीं, बल्कि उस ‘माइंडसेट’ में है जो उन्होंने इस टीम में भरा- डरकर नहीं, दबदबे से खेलो।
![]()














