बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। अनपरा तापीय परियोजना और नगर पंचायत के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। सामाजिक संगठनों की मध्यस्थता और दोनों पक्षों के बीच हुई सार्थक वार्ता के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को पुनः शुरू कर दिया गया है। हालांकि, अब से नगर पंचायत को परियोजना क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य आरंभ करने से पहले अनपरा तापीय परियोजना से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।
सोमवार को हुई इस वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यह भी तय हुआ कि नगर पंचायत की नाली का पानी किसी भी स्थिति में अनपरा तापीय परियोजना के एम.जी.आर. (MGR) में नहीं जाएगा।
अनपरा परियोजना के सीजीएम ने स्पष्ट किया कि परियोजना जनहित के कार्यों में बाधक नहीं है, लेकिन चूंकि संबंधित भूमि परियोजना के नाम दर्ज है, इसलिए कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत एनओसी लेना आवश्यक है।
नगर पंचायत अनपरा के अध्यक्ष विश्राम प्रसाद बैसवार ने कहा कि नगर पंचायत का उद्देश्य केवल क्षेत्रवासियों को नगरीय एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। भूमि स्वामित्व का विवाद अलग विषय है, किंतु नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटेगी।
वार्ता के सकारात्मक परिणामस्वरूप विवाद समाप्त होने के बाद नगर पंचायत के कर्मचारियों ने दीवाली से पूर्व सफाई एवं अन्य विकास कार्यों को गति दे दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगली बैठक में जिला प्रशासन, नगर पंचायत और तापीय परियोजना के संयुक्त समन्वय से शेष विवादित मुद्दों का समाधान भी हो जाएगा।
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