लखनऊ/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 13 से 15 अक्टूबर 2025 तक मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में मंडल के चिकित्सालयों में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन) जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा कर्मियों एवं नागरिकों में आपात स्थिति में जीवनरक्षक तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मंडल चिकित्सालय बादशाहनगर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने की। इस दौरान चिकित्सा अधिकारियों, कर्मचारियों और रेल लाभार्थियों को सीपीआर से संबंधित शपथ दिलाई गई। डॉ. रमेश चंद ने कहा कि “सीपीआर की जानकारी हर नागरिक के लिए आवश्यक है — यह न केवल चिकित्सा कर्मियों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी जीवन बचाने की एक महत्वपूर्ण तकनीक है।”
कार्यक्रम में मेदांता लखनऊ अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गणेश, डॉ. रोहित और डॉ. सोहेल ने हृदय रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों में समय पर सीपीआर देने से जीवन बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
इसी क्रम में बादशाहनगर चिकित्सालय में ‘Cavity Free Future’ विषय पर एक ओरो डेंटल हाइजीन स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें सफाई कर्मचारियों और रेलकर्मियों को मौखिक स्वास्थ्य और जीवनशैली जनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। शिविर में विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों ने 45 रेल कर्मचारियों की जांच की तथा उन्हें परामर्श और आवश्यक दवाएं प्रदान कीं।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. विनोद कुमार पाठक, मुख्य परामर्शदाता डॉ. बी.एन. चौधरी, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अयाज अहमद, मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह सहित पैरा मेडिकल स्टाफ, रेलवे परिवार के सदस्य और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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