बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल बीना परियोजना के प्रबंधक कार्यालय पर मंगलवार को सैकड़ों विस्थापित पुरुष और महिलाएं रोजगार की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। विस्थापितों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें रोजगार देने का आश्वासन तो दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
धरना स्थल पर मौजूद पूर्व प्रधान एवं समिति अध्यक्ष सत्य प्रकाश भारती ने बताया कि 22 सितंबर को एनसीएल बीना परियोजना की प्रबंधक रश्मि रंजन, अधिकारियों देवेश शर्मा, भारतेन्दु तिवारी, ओबी कंपनी के एचआर राहुल सिंह और विस्थापितों के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर योग्यतानुसार रोजगार का समायोजन किया जाएगा।
हालांकि, विस्थापितों के अनुसार लगभग बीस दिन बीत जाने के बाद भी एक भी व्यक्ति का समायोजन नहीं किया गया, जबकि “बिचौलियों के माध्यम से बाहरी लोगों को प्रतिदिन रोजगार दिया जा रहा है।” इसी नाराजगी के चलते विस्थापित महिला-पुरुषों सहित सैकड़ों की संख्या में धरने पर बैठ गए।
शाम सात बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वार्ता के लिए स्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रदर्शनकारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक विस्थापितों को रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। मौके पर बीना परियोजना की सुरक्षा टीम तैनात रही और स्थिति पर नजर रखी गई। धरने में राजकुमार, साजन, गुलाब, गीता, अवधेश, पार्वती, सुनीता, शिला, पानमती सहित दर्जनों विस्थापित मौजूद रहे।
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