नई दिल्ली.News18 India Chaupal: देश के सबसे बड़े मंच चौपाल 2025 में पांच विदेशी सेलेब्स ने भारत में अपनी पहचान बनाने और इससे जुड़ाव के बारे में बात की. ये 5 सेलेब्स- जापान की रहने वाली मायो सान, जर्मन एक्ट्रेस सुजैन बर्नट, पोलिश-जर्मन फिल्ममेकर रफाएल स्टेम्पलेव्स्की, अमेरिकी ओडिसी नृत्यांगना शैरन लोवेन और जर्मन पियानोवादक-म्युजिशियन आंद्रेयास कोनिग हैं. जापान की रहने वाली मायो अब मुंबई में रहती हैं और कंटेट क्रिएट करती हैं. वह भारत के अलग-अलग जगह जाती हैं और वीडियो बनाती हैं.
मायो सान ने बताया कि 7-8 साल पहले उन्होंने हिंदी में ग्रेजुएशन किया है और तीन महीने पहले ही मुंबई में शिफ्ट हुई हैं. मुंबई में उन्होंने बहुत दोस्त बनाए हैं. सब उनका खयाल रखते हैं. भारत में बहुत अच्छे लोग हैं. मायो ने बताया कि उनके पिता माउंट एवरेस्ट पर चढ़ते थे. उनके पिता ने ही बोला था कि अगर कुछ नहीं कर सकते, तो हिंदी पढ़कर देखो मजा आएगा. इसलिए उन्होंने हिंदी में पढ़ाई की. उस समय में उन्हें भारत के बारे में नहीं पता था, लेकिन भारत के बारे में सर्च किया, तो बहुत कुछ जाना.
मायो सान ने बताया कि जापान में लोगों को लगता था कि भारत में लड़कियां सेफ नहीं हैं. लेकिन उन्हें भारत आन के बाद लगा कि लड़कियां रात 12 बजे भी आराम से घूम से सकती हैं. मायो एक्ट्रेस बनना चाहती हैं. एक्टिंग सीख रही हैं. फिर पोलिश-जर्मन फिल्ममेकर रफाएल स्टेम्पलेव्स्की की एक फिल्म की क्लिप दिखाई गई. रफाएल भारत में रहकर फिल्म बना रहे हैं. उन्होंने पहली इंगलिश फिल्म बनाई है. उन्होंने दावा किया कि उनकी अगली फिल्म हिंदी में होगी.
रफाएल स्टेम्पलेव्स्की ने भारत से कनेक्शन को चमत्कारी बताया. उन्होंने कहा कि 12 साल पहले कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आए थे. उनकी फीचर फिल्म की स्क्रीनिंग होनी थी. भारत ने उन्हें मैजिकली अट्रैक्ट किया. उस समय एक स्टोरी आइडिया आया और 2 साल पहले उस पर काम किया. 2017 में श्वेता मेहता से मिले थे और साथ में काम किया. प्रोजेक्ट पर काम किया. शॉर्ट फिल्म बनाई. इंगलिश फिल्म बनाई और अब दूसरी फिल्म हिंदी में बनाएंगे.
सुजैन बर्नट ने बॉलीवुड में काम करने के बारे में बात की. उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर में सोनिया गांधी का किरदार निभाया था. उन्होंने कई टीवी शोज में भी काम किया. सुजैन ने एक्टिंग को अपना पैशेन और दिल बताया. वह अपनी क्लिप देखकर इमोशनल होती हैं. सुजैन ने बताया कि भारत से कनेक्शन किस्मत से बना. सुजैन ने कहा कि वह 2004 में दुबई में मॉडलिंग के लिए गई थीं. उस समय वह काफी पॉपुलर थीं. वहां कई बॉलीवुड डायरेक्टर्स से मिली थीं. बिपाशा बसु से मिली थी.
सुजैन बर्नट ने कहा कि दुबई में उन्हें भारत आने का निमंत्रण मिला. 2005 में एक सीरियल आया था ‘अस्तित्व एक प्रेम कहानी’ काम किया. फिर बालाजी से कॉल आया. वह किसी शो में एक विदेशी बहू के तौर पर कास्ट करना चाहते थे, तो उन्हें वो रोल मिला. सुजैन ने ‘कसौटी जिंदगी की’ में डोरिस बजाज का किरदार निभाया था. उन्होंने कहा कि वह हमेशा अलग दिखती हैं. सोनिया गांधी के किरदार निभाने के बारे में कहा कि उन्होंने बहुत ध्यान से उन्हें देखा कि वह कैसे मूव करती हैं. कैसे बात करती हैं. क्योंकि मिमिक्री नहीं बनना चाहती थीं. जो कैरेक्टर है, उसे संवेदनशीलता के साथ किया. डायरेक्टर ने सब लोगों को एक फोन दिया और वीडियो दिए थे और उसे देखकर सीन करना था.
अमेरिकी ओडिसी नृत्यांगना शैरन लोवेन ने कहा कि वह 1973 में भारत आई थीं. उन्हें मणिपुरी डांस सीखना था, लेकिन उन्होंन ओडिसी समेत कई भारतीय नृत्य सीखे. उन्होंने कहा कि भारतीय आर्ट सीखने के लिए आई थी, लेकिन अब भारत ही उनका घर है. मणिपुरी करने के बाद उन्होंने मयूरभंज भी सीखा. बाद में वह अमेरिका समेत विदेशों से आए कई लोगों को भारतीय परंपरा के नृत्य सिखा रही हैं.
जर्मन पियानोवादक-म्युजिशियन आंद्रेयास कोनिग ने बताया कि दो वजह से भारत आए. पहला उनका दिल्ली म्युजिक सोसायटी से एक कॉन्ट्रैक्ट हुआ था. मैं पियानो सिखाता था. भारत में अलग-अलग जगह जाता था. दूसरी वजह उन्होंने योग को बताया. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से योग करते आ रहे हैं. उनके मन में सालों से चल रहा था कि योग कहां हैं. लोग वहां कैसे योग करते हैं. भारत योग गुरू रहा है. उनके मन में अस्थिरता थी. उन्होंने बी.के. एस. आयंगर से योग सीखा. आयंगर को भारत का सबसे बड़ा योग गुरू माना जाता है.










