लखनऊ/एबीएन न्यूज। एशिया की सबसे बड़ी रेलवे प्रदर्शनी 16वीं अंतर्राष्ट्रीय रेलवे उपकरण प्रदर्शनी (IREE) 2025 का 17 अक्टूबर को सफल समापन हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन में रेलवे उद्योग की तकनीकी प्रगति, अनुसंधान, नवाचार और सहयोग का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान रेलवे डिज़ाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की विशेष और प्रभावशाली भागीदारी रही, जिसने भारतीय रेलवे में विक्रेता विकास, व्यवसाय में सरलता और अनुसंधान एवं विकास में उत्कृष्टता की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित किया।
आरडीएसओ के स्टॉल पर आए विक्रेताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और उद्यमियों को अधिकारियों ने भारतीय रेलवे ई-क्रय प्रणाली (IREPS) और एकीकृत विक्रेता अनुमोदन प्रणाली (UVAM) के माध्यम से पंजीकरण एवं अनुमोदन प्रक्रिया की जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य रेलवे क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और उद्योग जगत को भारतीय रेलवे से जोड़ने की प्रक्रिया को और सरल बनाना है।
आरडीएसओ ने अपने अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन करते हुए यह दर्शाया कि संगठन किस प्रकार भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रदर्शनी में कई गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री सतीश कुमार भी शामिल थे। उन्होंने आरडीएसओ के स्टॉल का निरीक्षण किया और भारतीय रेलवे के तकनीकी विकास में आरडीएसओ के योगदान की सराहना की। आरडीएसओ अधिकारियों ने अन्य प्रदर्शनी स्टॉलों का भी अवलोकन किया और ऐसी नवीन तकनीकों की पहचान की जिन्हें भविष्य में भारतीय रेलवे के विकास में अपनाया जा सके।
इस प्रदर्शनी ने एक बार फिर यह साबित किया कि आरडीएसओ नवाचार, सहयोग और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल नेटवर्क बनाने की दिशा में अग्रसर है।
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