लखनऊ/एबीएन न्यूज। सतर्कता जागरूकता अभियान 2025 के तहत आरडीएसओ सतर्कता निदेशालय द्वारा वरिष्ठ एवं मध्यम प्रबंधन अधिकारियों के लिए ‘सतर्कता: हमारी साझी ज़िम्मेदारी’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन 17 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन दोनों माध्यमों से किया गया।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य अधिकारियों में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक आचरण के मूल्यों को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में मुंबई के प्रेरक वक्ता एवं कॉर्पोरेट प्रशिक्षक श्री हिमांशु विश्नोई ने संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने व्यावहारिक केस स्टडीज़ के जरिए नैतिकता और सतर्कता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सेवा: स्टे एथिकल, विजिलेंट ऑलवेज़” की भावना अपनाने से ही कार्य संस्कृति में ईमानदारी और विश्वसनीयता कायम रह सकती है।
उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और विश्वास का आधार होती है। अपने वक्तव्य में उन्होंने ‘मैं सतर्क हूँ, हम सतर्क हैं, और मिलकर हम सतर्क हैं’ के संदेश के माध्यम से साझी जिम्मेदारी की भावना को रेखांकित किया।
सत्र की अध्यक्षता श्री टी. ए. अंसारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी/आरडीएसओ ने की। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि शासन में निष्पक्षता और पारदर्शिता केवल कार्यों में नहीं, बल्कि जनता की धारणा में भी झलकनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपने दैनिक कार्यों में ईमानदारी, सरलता और सद्भाव को अपनाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी ने प्रतिभागी अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी और सतर्कता को एक साझा जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संदेश दिया।
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