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हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं, उसने डेब्यू फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता था. वे खुद को अल पचीनो समझने लगे थे. हालांकि कुछ वक्त बाद ही उनका यह फित्तूर खत्म हो गया. उन्होंने श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित जैसी टॉप हीरोइनों के साथ काम किया. उन्होंने अपने करियर के बुरे दौर में बैक-टू-बैक 33 फ्लॉप फिल्में दीं, लेकिन वे आज एक बॉलीवुड लीजेंड हैं.
नई दिल्ली: आजकल जब बॉक्स ऑफिस नंबरों से किसी एक्टर की सफलता-असफलता का निर्णय किया जाता है, तब यह सोचना बड़ा मुश्किल हो जाता है कि लगातार 33 फ्लॉप फिल्में देकर भी कोई सर्वाइव कर सकता है. लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में ऐसा हो चुका है, वह भी एक आउटसाइडर के साथ, जो दिखने में अमिताभ-जितेंद्र की तरह गोरा-चिट्टा नहीं है, लेकिन अपने टैलेंट के दम पर सिनेमा के शिखर पर पहुंचा. उन्होंने अपने करियर में माधुरी दीक्षित, श्रीदेवी सहित हर एक बड़ी हीरोइन के साथ काम किया. (फोटो साभार:YouTube/Videograb)

इंडस्ट्री में जहां बॉक्स ऑफिस नंबर अक्सर एक्टर के करियर का निर्णय करते हैं, वहां मिथुन चक्रवर्ती एक पक्के और सच्चे सर्वाइवर हैं. उन्होंने अपने करियर को बनाए रखा है, भले ही उनके पास लगातार फ्लॉप फिल्में रही हों. उन्होंने लीड एक्टर के रूप में भारतीय सिनेमा में सबसे ज्यादा फ्लॉप फिल्में देने का रिकॉर्ड उनके नाम है. लेकिन उन्होंने हमेशा अपने स्टार पावर को बनाए रखा. उन्होंने कई बार साबित किया कि उनकी मौजूदगी असफलता से ज्यादा अहम है.

मिथुन चक्रवर्ती के लिए 90 के दशक के आखिरी कुछ साल काफी मुश्किल थे. उन्होंने तब लगातार फ्लॉप फिल्में दी थीं. उन्होंने 1993 से 1998 के बीच लगातार 33 फ्लॉप फिल्में दीं.

मिथुन ने अपने करियर के सबसे निचले बिंदु पर भी बॉलीवुड में कई सफल फिल्में दीं. जैसे- 1994 में आई ‘चीता’, 1995 में ‘जलाद’ और 1995 में ‘रावण राज: ए ट्रू स्टोरी’.(फोटो साभार:IMDb)

मिथुन ने बड़ा कमबैक किया. ‘गुरु’, ‘ओएमजी: ओह माय गॉड!’, ‘हाउसफुल 2’ और ‘द ताशकंद फाइल्स’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मैनस्ट्रीम सिनेमा में पहचान दिलाई. लीड रोल से लेकर सपोर्टिंग रोल तक, उन्होंने हर तरह के रोल निभाए और माहौल के अनुसार खुद को बदला जिसने उन्हें टिके रहने में मदद की.(फोटो साभार:IMDb)

मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, फिर भी वह तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं. उन्होंने ‘मृगया’ के लिए बेस्ट एक्टर, ‘तहादेर कथा’ के लिए एक्टर और ‘विवेकानंद’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीता. (फोटो साभार:IMDb)

मिथुन चक्रवर्ती की कल्ट क्लासिक ‘डिस्को डांसर’ दुनियाभर में सराही गई. मिथुन चक्रवर्ती अभी भी मजबूत से आगे बढ़ रहे हैं. 75 साल की उम्र में भी मिथुन चक्रवर्ती काम कर रहे हैं. (फोटो साभार:IMDb)

मिथुन चक्रवर्ती को 2024 में भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया. वे आखिरी बार विवेक अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’ में दिखे थे. (फोटो साभार:IMDb)
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