लखनऊ/एबीएन न्यूज। उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने अपने टिकट जांच कर्मियों (TTE) की कार्यप्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। मंडल के सभी 11 टीटीई लॉबी — लखनऊ, वाराणसी जंक्शन, उन्नाव, प्रयागराज संगम, शाहगंज, रायबरेली, अयोध्या धाम, सुल्तानपुर, बाराबंकी, माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ और अयोध्या कैंट — में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली सफलतापूर्वक स्थापित और संचालित की गई है।
अब सभी टिकट जांच कर्मियों की उपस्थिति रियल-टाइम (Real-Time) में दर्ज होगी, जिससे मैनुअल रजिस्टर की आवश्यकता समाप्त हो गई है। यह प्रणाली कर्मचारियों की उपस्थिति और ड्यूटी रिकॉर्ड को सीधे डिजिटल स्वरूप में संग्रहीत करेगी। इससे न केवल कार्यकुशलता और समयपालन में सुधार होगा, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से पूरे मंडल के टीटीई लॉबी का उपस्थिति डेटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे प्रबंधन को वास्तविक समय में कर्मियों की ड्यूटी आवंटन और उपस्थिति की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे ड्यूटी शेड्यूलिंग और निगरानी प्रक्रिया अधिक कुशल एवं व्यवस्थित बनेगी।
मंडल रेल प्रबंधक श्री सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि “यह पहल डिजिटल भारत की दिशा में लखनऊ मंडल का एक महत्वपूर्ण कदम है। बायोमेट्रिक प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया अब अधिक प्रामाणिक, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है। यह रेलवे के संचालन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।”
रेलवे प्रशासन का यह कदम भारतीय रेल में चल रहे डिजिटलीकरण अभियान को नई गति प्रदान करता है और प्रशासनिक पारदर्शिता व दक्षता के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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